सिंधु एशियाड फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय शटलर बनीं

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सिंधु ने जापान की अकाने यामागुची को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 21-17, 15-21, 21-10 से हराया. इसके साथ ही सिंधु एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बन गई हैं.

भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने 18वें एशियाई खेलों में महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है. सिंधु ने सेमीफाइनल मुकाबले में अपनी पुरानी प्रतिद्वंद्वी जापान की अकाने यामागुची को मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई, जहां उनका सामना चीनी ताइपे की ताई जु यिंग से होगा.

भारतीय खिलाड़ी सिंधु ने एक घंटे और पांच मिनट तक चले मुकाबले में वर्ल्ड नम्बर-2 यामागुची को 21-17, 15-21, 21-10 से हराकर फाइनल में जगह बनाई. इसके साथ ही सिंधु ने यागागुची को 9वीं बार हराकर अपने रिकॉर्ड को पुख्ता कर 9-4 कर लिया है.

इससे पहले कोई भी भारतीय पुरुष या महिला खिलाड़ी एशियाड के फाइनल तक नहीं पहुंच पाए थे. रियो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु से अब गोल्ड मेडल की उम्मीदें बढ़ गई हैं. फाइनल में उनका मुकाबला वर्ल्ड नंबर एक चीनी ताइपे की खिलाड़ी ताई जु यिंग से होगा. गोल्ड मेडल के लिए यह मुकाबला 28 अगस्त को खेला जाएगा

पहले ही गेम से ही दोनों के बीच बराबरी की टक्कर देखी गई. अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी के खेल से परिचित सिंधु ने इसका फायदा उठाते हुए उनके खिलाफ स्कोर 8-8 से बराबर किया और इसके बाद 13-9 से बढ़त ले ली.

वर्ल्ड नंबर-3 भारतीय खिलाड़ी ने यामागुची पर इस बढ़त को बनाए रखा और अंत में पहला गेम 22 मिनटों के भीतर 21-17 से अपने नाम कर लिया.

दूसरे गेम में भी दोनों को बराबरी का संघर्ष करते देखा गया. हालांकि, अपने कद का फायदा उठाते हुए सिंधु बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही थीं. यामागुची अपनी फुर्ति से सिंधु को उनके हर हमले का जवाब दे रही थीं.

रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सिंधु ने यामागुची की गलतियों का फायदा उठाया और उनके खिलाफ 10-6 की बढ़त हासिल कर ली. यहां जापान की खिलाड़ी ने वापसी की और सिंधु पर दबाव बनाते हुए 12-10 की बढ़त हासिल कर ली और 22 मिनट में सिंधु को 21-15 से हराकर दूसरे गेम जीतकर 1-1 से बराबरी कर ली.

सिंधु ने तीसरे गेम में यामागुची पर अपना दबाव बनाने की कोशिश करते हुए 9-4 की बढ़त बनाई. जापानी खिलाड़ी के खिलाफ इस बढ़त को बनाए रखते हुए सिंधु ने तीसरा गेम 21-10 से जीता. इस हार के कारण यामागुची को कांस्य से संतोष करना पड़ा है. यह एशियाई खेलों में उनका पहला पदक है.

पहली बार बैटमिंटन में गोल्ड दिलाने का मौका

सिंधु अब भारत को बैडमिंटन में पहली बार स्वर्ण पदक दिलाने की कोशिश करेंगी. अब इस भारतीय खिलाड़ी की राह हालांकि आसान नहीं होगी, क्योंकि ताई जु यिंग के खिलाफ उन्होंने पिछले पांच मुकाबले गंवाए हैं.

इससे पहले एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए एकमात्र पदक 1982 दिल्ली एशियन गेम्स में सैयद मोदी ने पुरुष एकल में कांस्य पदक के रूप में जीता था.

कब-कब एशियाई खेलों में पदक मिले हैं-

1. पुरुष सिंगल्स : कांस्य पदक- सैयद मोदी को 1982 में (दिल्ली)

2. पुरुष डबल्स : कांस्य पदक- लेरॉय और प्रदीप गांधे की जोड़ी को 1982 में (दिल्ली)

3. पुरुष टीम : कांस्य पदक- 1974 में (तेहरान)

4. पुरुष टीम : कांस्य पदक- 1982 में (दिल्ली)

5. पुरुष टीम : कांस्य पदक- 1986 में (सिओल)

6. महिला टीम: कांस्य पदक- 1982 (दिल्ली)

7. महिला टीम: कांस्य पदक- 2014 (इंचियोन)

8. मिक्स्ड डबल्स (लेरॉय और कंवल ठाकर सिंह)- कांस्य पदक- 1982 (दिल्ली)

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