सीबीआइ को HC की लताड़ ,2 साल से कर क्या रहे हैं आप? लंबित मामले में जाँच अधूरा क्यों ?

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रेसलर नरसिंह यादव ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) का दरवाज़ा खटखटाया है। नरसिंह यादव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। नरसिंह ने अपने खिलाफ चल रहे डोपिंग के कथित मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी करने की मांग की है। नरसिंह ने कहा है कि इस मामले को 2 साल हो गए है और जांच अभी तक भी पूरी नहीं हुई है।

हाई कोर्ट ने नरसिंह यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआइ के वकील से कहा, ‘दो साल से अधिक समय हो गया है। क्या कर रहे हो? संबंधित अधिकारी से निर्देश लें अन्यथा हम आदेश पारित करेंगे।’

पीएम से भी कर चुके हैं अपील

सीबीआइ जांच में देरी पर पहलवान नरसिंह पंचम यादव ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री राजनाथ सिंह से अपील की थी। डोपिंग का दंश झेल रहे नरसिंह ने लिखा था कि एक ओलंपियन पहलवान के मामले की जांच तीन वर्ष में पूरी नहीं हो सकी, जबकि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआइ के लिए इस मामले की जांच छोटा सा काम था।

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जन्में नरसिंह ने ट्विटर पर लिखा था कि एक अंतरराष्ट्रीय पहलवान के लिए न्याय लेना कितना मुश्किल हो रहा है तो एक आम आदमी के लिए यह कितना मुश्किल होगा। सीबीआइ जांच के आदेश 2016 रियो ओलंपिक के बाद दिए गए थे और तब माना जा रहा था कि जल्द मामले की सच्चाई सामने आएगी लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी।

दरअसल रियो ओलंपिक 2016 में जाने से पहले नरसिंह डोप में दोषी पाए गए थे और नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने प्रतिबंध लगा दिया था। तब नरसिंह ने सोनीपत के राई पुलिस थाने में शिकायत दी थी कि उनके साथ साजिश हुई है और शिकायत में एक लड़के का नाम भी दिया था लेकिन पुलिस का रवैया सुस्त रहा और कोई जांच नहीं की।

बाद में नरसिंह ने नाडा में भी अपील की थी कि उनके साथ साजिश हुई है। मामले में साजिश के संदेह को देखते हुए नाडा ने रियो ओलंपिक में खेलने के लिए भेज दिया था लेकिन रियो में वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने यह कहकर खेलने से रोक दिया कि अगर साजिश हुई है तो पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया है या नहीं। वाडा ने चार वर्ष का प्रतिबंध लगाने के साथ शर्त रखी कि भारत की जांच एजेंसी दोष मुक्त करती है तो प्रतिबंध हटा लिया जाएगा।

नरसिंह का कहना है कि रियो में मेरा पदक पक्का था लेकिन मुझे वाडा ने खेलने से रोक दिया। मुझे लगा था कि सीबीआइ जल्द रिपोर्ट देगी और मेरे ऊपर लगा प्रतिबंध हट जाएगा जिससे मैं 2018 कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स खेल पाऊंगा। अब टोक्यो 2020 ओलंपिक सामने है लेकिन कोई आशा नहीं दिख रही।

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