संयुक्त अरब अमीरात में मकसद हिंदी भाषी लोगों को मुकदमे की प्रक्रिया, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सीखने में मदद करना है

दुबई: अपने ही देश में कई बार क्षेत्रीयता के दायरे में हिंदी भाषा पर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन हिंदी को अब एक मुस्लिम देश में बड़ी मान्यता मिल गई है. अबू धाबी ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अरबी और अंग्रेजी के बाद हिंदी को अपनी अदालतों में तीसरी आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल कर लिया है. न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिहाज से यह कदम उठाया गया है. खास बात ये हैं कि इस मुस्लिम देश में पहला हिंदू मंदिर भी बनाया जा रहा है और 2020 तक ये तैयार हो जाएगा.

अबू धाबी न्याय विभाग (एडीजेडी) ने शनिवार को कहा कि उसने श्रम मामलों में अरबी और अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा को शामिल करके अदालतों के समक्ष दावों के बयान के लिए भाषा के माध्यम का विस्तार कर दिया है. इसका मकसद हिंदी भाषी लोगों को मुकदमे की प्रक्रिया, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सीखने में मदद करना है.

यूएई में भारतीयों  की संख्या 26 लाख 
बता दें कि आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात की आबादी का करीब दो तिहाई हिस्सा विदेशों के प्रवासी लोग हैं. संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय लोगों की संख्या 26 लाख है, जो देश की कुल आबादी का 30 फीसदी है और यह देश का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है.

 न्यायिक सेवाओं और पारदर्शिता बढ़ावा देना
एडीजेडी के अवर सचिव युसूफ सईद अल अब्री ने कहा कि दावा शीट, शिकायतों और अनुरोधों के लिए बहुभाषा लागू करने का मकसद प्लान 2021 की तर्ज पर न्यायिक सेवाओं को बढ़ावा देना और मुकदमे की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है.

अबू धाबी में पहला हिंदू मंदिर बन रहा
यूएई की राजधानी अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर का निर्माण हो रहा है. यह दुबई- अबू धामी शेख जायद हाईवेपर अलरहबा में बनाया जा रहा है. इस भव्य मंदिर का निर्माण 55000 वर्ग मीटर में हो रहा है.

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