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Friday, February 22, 2019

डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए 3 आसान उपाय

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मधुमेह की वजह से अग्न्याशय पूरी तरह से इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन को ठीक से जवाब नहीं करती। वीडियो में हम बता रहे हैं डायबिटीज के आयुर्वेदिक उपचार।

डायबिटीज जिसे सामान्यतः मधुमेह कहा जाता है। एक ऐसी बीमारी है जिसमें खून में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। उच्च रक्त शर्करा के लक्षणों में अक्सर पेशाब आना होता है, प्यास की बढ़ोतरी होती है, और भूख में वृद्धि होती है। अमेरिका में यह मृत्यु का आठवां और अंधेपन का तीसरा सबसे बड़ा कारण बन गया है। आजकल पहले से कहीं ज्यादा संख्या में युवक और यहां तक की बच्चे भी मधुमेह से ग्रस्त हो रहे हैं। निश्चित रूप से इसका एक बड़ा कारण पिछले 4-5 दशकों में चीनी, मैदा और ओजहीन खाद्य उत्पादों में किए जाने वाले एक्सपेरिमेंट्स हैं।वीडियो में हम आपको बता रहे हैं डायबिटीज के आयुर्वेदिक उपचार के बारे में।

ये 3 पेय हैं लाभकारी
1. आंवले के स्वरस या आंवले के जूस को 40 मिली लेकर उसमें 1 ग्राम हल्दी पाउडर और 6 ग्राम शहद डालकर उसे सुबह-शाम इस्तेमाल करें। दूसरा उपाय है कि 20 ग्राम आंवला पाउडर लेकर उसमें 250 मिली पानी मिलाएं और उसको मध्यम आंच पर पकाएं और जब वो 1/4 मतलब लगभग 60 मिली रह जाए तो उसे उतार कर, छान कर, ठंडा करके उसमें 250 मिलीग्राम त्रिवंग भस्म, 500 मिलीग्राम छोटी इलायची का चूर्ण, 1 ग्राम हल्दी पाउडर, 6 ग्राम शहद को मिलाएं। इसे सुबह-शाम इस्तेमाल करें।
2. दूसरा उपाय लगभग 150 ग्राम अमरुद के पत्ते लें, उन्हें पीस कर पानी में भिगो लें और सुबह उन पत्तों को छान के उस पानी को घूंट ले लेकर पिएं। इससे भी डायबिटीज़ में आराम मिलता है।
3. अगर आपका शुगर लेवल बहुत हाई है और आपको उसे नॉर्मल करना है तो 50 ग्राम बांस के पत्ते लेकर उसे 600 मिली पानी में उबालें जब तक कि वो 75 से 80 मिली के लगभग न रह जाए। अब उसे ठंडा करके, छान कर पीएं। इससे शुगर का लेवल जल्दी ही सामान्य अवस्था में आ जाता है। आयुर्वेद में पंचकर्म विधा के द्वारा भी हम डायबिटीज़ का इलाज कर सकते हैं।

जानें डायबिटीज़ या मधुमेह के आयुर्वेदिक उपचार

डायबिटीज़ के रोगी क्या करें, क्या न करें

अब बात करेंगे कि डायबिटीज़ के रोगियों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं। डायबिटीज़ के रोगियों को एक डेली रूटीन बनाना बहुत ही ज़रूरी है।

  • सुबह जल्दी उठना चाहिए।
  • व्यायाम के लिए समय निकलना चाहिए। रोज़ प्राणायाम, योग, व्यायाम ज़रूर करना चाहिए।
  • सुस्त जीवनशैली के बजाए सक्रिय जीवन शैली अपनाना चाहिए।
  • साइक्लिंग, जिमिंग,स्विमिंग जो भी पसंद है उसे 30-40 मिनट तक ज़रूर करने की आदत डालें।

क्या खाएं
जानेंगे डायबिटीज में किस तरह का खानपान फायदेमंद रहता है।
1. डायबिटीज़ में थोड़ा और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए।
2. डायबिटीज़ में हम सारे मौसमी और रस वाले फल खा सकते हैं।ड्राय फ्रूट्स की बात करें तो अखरोट, बादाम, चिया सीड्स, मूंगफली और अंजीर भी ले सकते हैं।
3. अपनी डाइट में गुनगुना पानी, छाछ, जौ का दलिया और मल्टीग्रेन आटा (मिलाजुला अनाज) शामिल करें।
4. डायबिटीज़ के रोगी को दिन में सोना, मल-मूत्र आदि वेगों को नहीं रोकना चाहिए।
मांसाहार, शराब और सिगरेट आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

इन चीज़ों को न खाएं

डिब्बाबंद आहार,बासी खाना, फ़ास्ट फूड, जंक फूड, ज्यादा तेल-मसाले वाले भोजन नहीं खाना चाहिए।
इन आयुर्वेदिक उपचारों का पालन करके आप हेल्दी रह सकते हैं।

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