बिहार: लालू को मिला नाराज साले का साथ, हां, पांच बार मिले थे प्रशांत किशोर-साधु यादव

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पटना। राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की किताब (गोपालगंज टू रायसीना) के विवाद में फिर नया मोड़ आया है। किताब में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की महागठबंधन में वापसी के प्रस्‍ताव को लेकर प्रशांत किशोर के लालू प्रसाद यादव से मिलने के दावे का अब लालू के साले साधु यादव ने भी समर्थन किया है। विदित हो कि साधु यादव का लंबे समय से अपनी बहन राबड़ी देवी तथा जीजा लालू यादव के परिवार से बेहतर संबंध नहीं हैं, लेकिन इस मामले में उन्‍होंने लालू परिवार का साथ दिया है।

साधु यादव सोमवार को गोपालगंज कोर्ट में आचार संहिता उल्‍लंघन के एक मामले में पेशी के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। वे बिहार के महाराजगंज से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। .

लालू की किताब से शुरू हुआ विवाद

विदित हो कि राजद सु्प्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपनी किताब (गाेपालगंज टू रायसीना) में लिखा है कि बिहार में महागठबंधन की सरकार तोड़कर राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार फिर महागठबंधन में वापसी चाहते थे। बकौल लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार ने राजग की सरकार बनने के छह महीने के भीतर ही प्रशांत किशोर के माध्‍यम से इसका प्रस्‍ताव उनके पास भेजा था, जिसे उन्‍होंने अस्‍वीकर कर दिया था। किताब में नीतीश कुमार के लिए आपत्तिजनक भाषा का भी इस्‍तेमाल किया गया है।

शुरू हुआ वाद-प्रतिवाद का दौर

किताब में किए गए दावे ने जब तूल पकड़ा तो जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने इसका प्रतिवाद किया। खुद प्रशांत किशाेर ने भी इस बात को बेबुनियाद बताया। इसके बाद फिर राबड़ी देवी ने कहा कि प्रशांत किशोर उनके आवास पर नीतीश कुमार के प्रस्ताव के साथ आए थे। राबड़ी ने तो ट्वीट कर उन्‍हें नीतीश कुमार का ‘कबूतर’ बताया तथा यह भी लिखा कि उन्‍होंने प्रशांत किशोर को घर से निकाल दिया था। लालू प्रसाद यादव के बेटे व बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने भी किताब में लिखी बातों का समर्थन किया।

साधु यादव बोले: लालू से पांचबार मिले प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर के नीतीश कुमार के दूत के रूप में लालू प्रसाद यादव से मिलने की बात का समर्थन अब लालू के साले और पूर्व सांसद साधु यादव ने भी किया है। उन्‍होंने कहा कि प्रशांत किशोर उनके जीजा लालू यादव से पांच बार मिले थे। साधु यादव के अनुसार इनमें एक मुलाकात मुंबई के अस्पताल में जब हुई थी। दोनों पटना आवास पर और रांची में भी मिले थे। साधु यादव के अनुसार मुलाकात में दोनों के बीच में क्या बातें हुईं, इसका उन्‍हें पता नहीं है। मुलाकात के वक्‍त कोई तीसरा नहीं था।

किताब पर गरमाई बिहार की राजनीति

इस किताब की बातों के सामने आते ही बिहार में राजनीति गरमा गई है। वार-पलटवार का दौर लगातार जारी है। साुधु यादव का बयान इसी की ताजा कड़ी है।

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