Home राज्य उत्तर प्रदेश कोतवाली गंगाघाट के तानाशाही रवैये से बर्तन व्यापारी की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

कोतवाली गंगाघाट के तानाशाही रवैये से बर्तन व्यापारी की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

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कोतवाली गंगाघाट के तानाशाही रवैये से बर्तन व्यापारी की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

उन्नाव के एक करोड़पति बर्तन व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई. कानपुर-उन्नाव शुक्लागंज पुल न खोले जाने से वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सका. व्यापारी का बेटा पुलिस से लेकर अधिकारियों को एक घंटे तक फोन पर करता रहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

  • उन्नाव के करोड़पति बर्तन व्यापारी को रात में आया हार्ट अटैक
  • एक महीने से सील था पुल, समय पर कानपुर नहीं पहुंचे तो मौत

लॉक डाउन प्रथम के बाद से ही लगातार उन्नाव जिले के गंगाघाट में कोतवाली पुलिस द्वारा अपना एक अलग ही कानून चलाया गया , सरकार एवम उन्नाव जिला प्रशासन आदेश कोतवाली गंगाघाट में निष्क्रिय हो जाता है इमरजेंसी सेवाओ के दौरान यह तीसरी मौत है , इसके उलट कोतवाली स्टाफ द्वारा एक नया ही चेहरे समाज को देखने को मिला , स्टाफ द्वारा आम जन मानस को आवश्यक कार्य हेतु निकलने पर स्टाफ द्वारा गाली-गलौच करना, मार-पीट करना आम बात है इनके ऊपर सरकार के किसी भी आदेशो का पालन करने का कोई दबाव नहीं है कोतवाल सतीश चन्द्र गौतम द्वारा अधिकारी विजिट के दौरान सब कुछ नियंत्रण भी दिखाया जाता रहा कहानी इसके उलट होती रही आज जब व्यापरी की मौत हुई तो आम जन मानस का गुस्सा फूटा जिसमे जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने अपनी गलती मानते हुए जाँच हेतु टीम गठित कार्य कार्यवाही करने का अश्वशासन दिया .

आपातकालीन चिकित्सा सेवाओ के लिए पुल पर आवागमन रोका जाना उचित नही था, जिलाधिकारी के रूप में सिर्फ संवेदना व्यक्त करने और…

Gepostet von हरिओम गुप्ता am Dienstag, 19. Mai 2020

लॉकडाउन की वजह से यूपी के कानपुर और उन्नाव को जोड़ने वाले दोनों पुल एक महीने से सील कर रखे हैं. मंगलवार को कानपुर-उन्नाव शुक्लागंज पुल न खोले जाने से एक हार्ट पेशेंट अस्पताल नहीं पहुंच सका. मृतक उन्नाव का करोड़पति बर्तन व्यापारी था जिसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई.परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस से लेकर अधिकारियों को एक घंटे तक फोन किया और मदद के लिए गुहार लगाई लेकिन कुछ नहीं हो सका. पुलिस ने उन्नाव से कानपुर शहर को जोड़ने वाले दोनों पुल एक महीने से सील कर रखे हैं.पुलिस ने कानपुर-उन्नाव को जोड़ने वाले शुक्ला गंज पुल को सील किया था. मंगलवार रात दो बजे बर्तन व्यापारी कृष्ण कुमार वर्मा हार्ट अटैक आया. वर्मा के बेटा के मुताबिक वह अपने पिता को अपनी कार से लेकर पुल पर पहुंचा लेकिन पुलिस ने पुल नहीं खोला.

मदद के लिए गुहार लगाता रहा बेटा

मृतक के बेटे ने कहा कि वह दूसरे पुल पर पहुंचा तो पुलिस ने उसको भी नहीं खोला. बेटे का कहना है कि उसने डीएम, एसडीएम सहित कई लोगों को फोन किया लेकिन पुल नहीं खोला गया. एक घंटे तक सबसे गुहार लगाने के बावजूद जब सबने डीएम का आदेश बताकर पुल नहीं खोला तो बेटा कार से 22 किलोमीटर गंगा बैराज घूम कर अस्पताल पहुंचा. कानपुर के कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल में पहुंचने पर डॉक्टरों ने व्यापारी को मृत घोषित कर दिया था.

वैसे तो हम लोकतंत्र में जी रहे है पर इस तरह की तानाशाही जिलाधिकारी महोदय के द्वारा किया जाना उचित नही है,न्यायपालिका के खुलने का इंतजार है,

Gepostet von हरिओम गुप्ता am Dienstag, 19. Mai 2020

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