धनतेरस के दिन करे यह खास उपाए, तथा राशि के अनुसार करे खरीददारी

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शुक्रवार 25 अक्तूबर 2019 को है, धनतेरस,

आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ)
सम्पर्क: 9131366453,

सभी प्रकार की समस्याओं का तुरन्त समाधान पाए,

धनतेरस के खास उपाए,

धनतेरस के दिन क्या करे / क्या खरीदें/ क्या ना खरीदें,

तथा राशि के अनुसार करे खरीद दारी,

(1) स्कंद महापुराण में बताया गया है। कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी को प्रदोषकाल में अपने घर के दरवाजे के बाहर यमराज के लिए दिया(दीप) जलाकर रखने से अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है।

(2) धनतेरस के दिन विधि पूर्वक से देवी लक्ष्मी और धन के देव कुबेर की पूजा विधि किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन प्रदोषकाल में माँ लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करने से लक्ष्मी जी घर में ही ठहर जाती हैं।

(3) दीपदान के समय इस मंत्र का जाप करते रहना चाहिए :-

मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह।
त्रयोदश्यां दीपदानात सूर्यज: प्रीयतामिति॥

इस मंत्र का अर्थ है:

त्रयोदशी को दीपदान करने से मृत्यु, पाश, दण्ड, काल और लक्ष्मी के साथ सूर्यनन्दन यम प्रसन्न हों। इस मंत्र के द्वारा लक्ष्मी जी भी प्रसन्न होती हैं।

(4) सोने चांदी के सिक्कों के अलावा इस दिन निम्न चीजें का खरीदना शुभ माना जाता है।

पीतल के बर्तन का बहुत महत्व है।
चांदी के लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति,
कुबेरजी का  यंत्र,
लक्ष्मी या श्री यंत्र,
गोमती चक्र,
सात मुखी रुद्राक्ष,
धनिये के बीज,
कौड़ी और कमल गट्टा,
झाड़ू,

(5) क्या ना खरीदें।

एल्युमिनियम के बर्तन :

एल्युमिनियम पर राहु का प्रभुत्व होता है, सभी शुभ फल देने वाले गृह इससे प्रभावित होते है, यही कारण है की ज्योतिष में और पूजा पाठ में भी एल्युमिनियम का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसलिए हो सके तो धनतेरस को एल्युमिनियम का कोई भी सामान खरीदकर घर नहीं लाना चाहिए।

(6) लोहा या लोहे से बनी वस्तुएं:

धनतेरस पर लोहे का सामान नहीं खरीदना चाहिए, अगर आपको खरीदना ही है तो एक दिन पहले ही खरीद लेना चाहिए।

(7) पानी का खाली बर्तन: अगर आप पानी का कोई बर्तन खरीदतें है तो ध्यान रखें की इसे खाली ही घर में ना लेकर आएं, इसमें थोड़ा पानी भरकर ही घर में प्रवेश करें। क्योंकि भगवान् धन्वन्तरि भी कलश में अमृत लेकर पैदा हुए थे इसीलिए बर्तन को खाली घर में नहीं लाने की मान्यता है।

(8) नुकीली वस्तुएं : धनतेरस के दिन नुकीली चीज़ें जैसे चाक़ू, कैंची, छुरी आदि को घर लाने से बचना चाहिए।

(9) गाड़ी:  हालांकि धनतेरस पर बहुत से लोग गाड़ी खरीदने को प्राथमिकता देते है लेकिन मान्यता है की यदि आप धनतेरस पर गाड़ी खरीद रहे है तो उसका भुगतान उसी दिन ना करें, गाड़ी का पेमेंट एक दिन पहले ही कर दें।

(10) तेल: त्योंहार के दिन घी तेल का बहुत महत्व और उपयोग होता है, लेकिन धनतेरस को घी या तेल घर में नहीं लाना चाहिए, हो सके तो एक दिन पहले तक ही तेल और घी का इंतजाम करके रखना चाहिए।

(11) कांच का सामान: शीशे का सम्बन्ध भी राहु से होता है, इसलिए धनतेरस को शीशा नहीं खरीदना चाहिए, अगर खरीदना ही चाहते है तो ध्यान रहे वह धुंधला या पारदर्शी नहीं होना चाहिए।

(12) गिफ्ट्स: किसी को देने के लिए कोई गिफ्ट इस दिन नहीं खरीदें।

(13) क्या करें धनतेरस के दिन

शुक्रवार को धनतेरस है।
सुबह उठकर स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान धन्वंतरि की पूजा कर स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करें ।

यदि धन्वंतरि का चित्र उपलब्ध न हो तो भगवान विष्णुजी की प्रतिमा में धन्वंतरि की भावना कर उनकी पूजा कर सकते हैं ।इस दिन भगवान सूर्य को निरोगता की कामना कर लाल फूल डालकर अर्घ्य दें ।सायंकाल घर के बाहर चावल, गेहूँ व गुड़ रखें उसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके खड़े होकर मै यमराज के निमित्त दीपदान कर रहा हूँ, भगवान देवी श्यामा सहित मुझ पर प्रसन्न हो ऐसा बोलकर उस अनाज के ऊपर यमराज के निमित्त दीपक जलायें और निम्नोत्क मंत्र का उच्चारण करते हुए गंध-पुष्यादि से पूजन करें –
मृत्युना पाशहस्तेन कालेन भार्यया सह।

(14) त्रयोदश्यां दीपदानात्सुर्यज: प्रीयतामिति।।(पद्मपुराण)

(15) लक्ष्मी प्राप्ति हेतु लक्ष्मीजी की पूजा करें।

ॐ नम: भाग्यलक्ष्मी च विद्महे।अष्टलक्ष्मी च धीमहि।तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात।

(16) धनतेरस के दिन यदि भगवान के लिये कोई सामान खरीद कर उसमे मोर पंख रख दे।

(17) यह बर्तन तीन दिन पुजा स्थल मे रख दे  रख दे।
बर्तन मे आप तांबे , पितल , मिट्टी का सामान ले सकते है।
जिसमे कलश , थाली ,प्लेट ,लोटा।

यह उपाय से माता लक्ष्मी के साथ कुबेर देवता आगमन होके स्थाई रूप से घर मे वास करते है।

(18) राशी के उपाय,

ईस दिन यदि  हम हमारे राशी के देवता , ईष्ट देवता , कुल देवता को प्रसन्न कर के अाशिष प्राप्त करे तो कई प्रकार के कष्ट नष्ट हो सकते और धन धान्य का सुख प्राप्त कर सकते। साथ मे यह उपाय भी करे।

मेष राशी:     धनतेरस के दिन तांबे या पितल का बर्तन  मे पिला या लाल वस्त्र या फिर रूमाल खरिद के बर्तन के अंदर दाल कर घरमे ले आये l

वृष राशी:     चांदी का कलश या बर्तन  खरिदकर उसमे चावल ले आये।

मिथुन राशी:    तांबे के कलश या बर्तन मे मुग कि दाल या लाल रंग कि दाल भर कर घर ले आये।

कर्क राशी:    चांदी के बर्तन मे चावल और दुध खरदिकर ले आये।

सिंह राशी:    तांबे के बर्तन खरीद कर उसमे मे गुड ले आये।

कन्या राशी:    पितल के बर्तन मे लाल रंग कि दाल और हरे रंग कि दाल ले आये।

तुला राशी:     चांदी के बर्तन मे चिनी (शुगर) और चावल मिक्स करके ले आये।

वृश्चिक राशी:    तांबे के बर्तन मे गुड भरकर ले आये।

धनु राशी:    सोने या पितल कि वस्तु मे चने कि दाल ले आये।

मकर राशी:    लोहे कि वस्तु मे काली दाल ले आये। जैसे उडद दाल।

कुम्भ राशि:     एक दिन पूर्व लोहे का छल्ला खरीद कर ले आये और धनतेरस को चने कि दाल 800 ग्राम खरीदे।

मीन राशी:     सोना या पितल के बर्तन मे चने कि दाल और नारियल पानी वाला घर ले आये।

तो यह उपाय जरूर करीये काफी लाभ होगा।
विशेष दिनो मे विशेष उपाये करने से
हमे उस प्रकार की उर्जा प्राप्त होती है। यह उपाय कई अधिक शक्तीशाली होते है। इस रात्रि माता लक्ष्मी , कुबेर देवता और धनवंतरी के मंत्र भी दुगा
मंत्रो से हमारी पीडा नष्ट होके लक्ष्मी कि विशेष कृपा प्राप्त होती।

यदि आप कुछ कारण वश बर्तन या सामान खरिद नही सकते , पैसो कि कमी आती है तो यह ईतना उपाय जरूर करीये।

धनतेरस के दिन बाजार से छोटे छोटे मिट्टी के बर्तन खरीदकर ले आये,
साथ मे मोर पंख खरिद ले मोर पंख अत्यंत शुभ माना जाता है।
बर्तन और मोर पंख पुजा स्थल मे तिन दिन रख दे।

बर्तन बच्चो को खेलने दे और मोर पंख घर मे लगा दे

अब क्या ना करे ।

इस दिन प्लास्टीक फाईबर स्टील कि वस्तु ना खरिदे।
जैसे टिवी , ऐसी , फ्रिज , वॉशिंग मशीन यहा तक पेन भी ना खरीदे।
वर्ना आपको बरबाद होने मे देर नही लगेगी।

कर्ज से मुक्ति का उपाय,

खुदके लिये पीला वस्त्र धनतेरस के दिन खरिद ले और पुजा स्थल मे रख दे तीन दिन के बाद किसी गरीब को वस्त्र दान करे।

यदि आप अपनी किसी समस्या के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) नि:शुल्क ज्योतिषीय सलाह चाहें तो वाट्सएप नम्बर 9131366453 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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