#MP: कमलनाथ के OSD व करीबीयों के यहां छापा जारी, जानें- अब तक क्या-क्या मिला

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के विशेष कार्याधिकारी (OSD) प्रवीण कक्कड़ समेत अश्विन शर्मा और प्रतीक जोशी के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों में भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। इन लोगों के भोपाल और इंदौर में मौजूद ठिकानों पर सोमवार को भी आयकर विभाग की छापेमारी जारी रही। इससे पहले रविवार रात इनके ठिकानों पर मशीन लगाकर नोटों की गिनती की गई। मंगलवार को तीसरे दिन भी इनके ठिकानों पर आयकर की छापेमारी जारी है।

आयकर टीम ने अश्विन शर्मा और प्रतीक जोशी के भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा स्थिति फ्लैट में छह मशीनें लगाकर रविवार को पूरी रात नोटों की गिनती की थी। नोट गिनने वाली मशीनें बैकों से मंगवाई गईं थीं। सोमवार दोपहर बाद सीआरपीएफ जवान कड़ी सुरक्षा में बरामद रुपयों को पांच पेटियों में भरकर बैंक में जमा कराने ले गए। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन लोगों के ठिकानों से आयकर विभाग को 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद हुई है। हालांकि, आयकर विभाग की तरफ से छापेमारी के बाद की गई बरामदगी की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।

हाईप्रोफाइल मामला होने की वजह से दिल्ली से आई आयकर इन्वेस्टीगेशन विंग इस मामले में पूरी गोपनीयता बरत रही है। यही वजह है मध्य प्रदेश आयकर में तैनात स्थानीय अधिकारियों को पूरी कार्रवाई से दूर रखा गया है। उनसे प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कोई मदद नहीं ली जा रही है। आयकर अधिकारियों ने नकदी के अलावा इन लोगों के ठिकानों से काफी मात्रा में दस्तावेज भी जब्त किए हैं। दस्तावेजों को भी पेटियों में भरकर आयकर टीम जांच के लिए अपने साथ ले गई है।

आयकर विभाग के खुफिया सूत्रों ने इन लोगों के पास करोड़ों रुपए का कालाधन होने की इतनी पुख्ता सूचना दी थी कि टीम को तड़के तीन बजे मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों के यहां छापा मारना पड़ा। आयकर विभाग की टीम अमूमन छापे की कार्रवाई सूर्योदय के बाद ही शुरू करती है। इस मामले में टीम को डर था कि यदि एक मिनट की भी देरी की गई तो ऑपरेशन विफल हो सकता है।

बयान दर्ज किए गए
आयकर टीम ने सोमवार को दिनभर अश्विन और प्रतीक से बरामद करोड़ों रुपए का हिसाब-किताब लिया और उनके बयान दर्ज किए। इस दौरान नोटों के अलावा इनके ठिकानों से बरामद अन्य दस्तावेजों के बारे में भी गहन पूछताछ की गई। कक्कड़, शर्मा और जोशी के परिजनों के नाम पर बैंकों में जो लॉकर और अकाउंट हैं, उन्हें भी सील कर दिया गया है। आयकर अफसरों ने बैंक लॉकर में रखी सामग्री का ब्योरा भी कागजों में लिखवाया है। घर में बरामद हुए बहुमूल्य आभूषण और हीरा-जवाहरात का मूल्यांकन भी कराया जा रहा है।

ओएसडी के बैंक लॉकरों की जांच शुरू
मुख्यमंत्री कमलनाथ के OSD प्रवीण कक्कड़ के इंदौर स्थित आवास पर सोमवार रात तक आयकर की छापेमारी चलती रही। दिन में भी आयकर टीम ने कक्कड़ के तमाम ठिकानों पर छापेमारी कर सबूत एकत्र किए। इस दौरान काफी मात्रा में टीम ने दस्तावेज भी जमा किए हैं। दिन में आयकर टीम, प्रवीण के बेटे सलिल को लेकर बीसीएस हाइट्स बिल्डिंग स्थित कक्कड़ की कंपनी थर्ड आई पहुंची थी। बताया जा रहा है कि टीम ने आइडीबीआइ, यूनियन बैंक और कुछ अन्य बैंकों में प्रवीण कक्कड़ के परिवार के सदस्यों के नाम से लिए गए बैंक लॉकरों की जांच भी शुरू कर दी है।

कक्कड़ के सीए ने कहा IT को जांच का अधिकार है
ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के सीए अनिल गर्ग का कहना है कि आयकर विभाग को जांच का पूरा अधिकार है। उन्होंने बताया कि प्रवीण कक्कड़ की ओर से सभी ज्वैलरी और संपत्ति की जानकारी पहले ही विभाग को आयकर रिटर्न में दी जा चुकी है। प्रवीण कक्कड़, पूरा आयकर जमा करते हैं। उनके घर या दफ्तर से कोई अघोषित ज्वैलरी, नकदी या दस्तावेज बरामद नहीं हुए हैं। उन्होंने आयकर विभाग द्वारा करोड़ों रुपये और दस्तावेज जब्त करने का भी खंडन किया है। उन्होंने आयकर विभाग की कार्रवाई को परेशान करने वाला बताया। आयकर अधिकारी, सीए अनिल गर्ग को भी प्रवीण कक्कड़ की कंपनी में जांच-पड़ताल के लिए ले गए थे।

राज्यपाल ने पुलिस-सीआरपीएफ टकराव पर मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों के यहां आयकर छापों के दौरान सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के बीच टकराव और विवाद की स्थिति को लेकर राजभवन ने सरकार से रिपोर्ट तलब कर ली है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इस संबंध में प्रदेश के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग को ई-मेल भेजकर पूछा है कि क्या आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान तैनात सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के बीच टकराव जैसी स्थिति बनी। इस पर पुलिस महानिदेशक की ओर से राजभवन को भेजे गए जवाब में कहा गया है कि पुलिस की ओर से कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं किया गया है। मालूम हो कि भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा स्थित अश्विन शर्मा एवं प्रतीक जोशी के फ्लैट पर आयकर छानबीन के दौरान वहां तैनात सीआरपीएफ की टुकड़ी के साथ स्थानीय पुलिस के अधिकारियों की कहासुनी हो गई थी। दोनों के बीच हुआ विवाद मीडिया में भी वायरल हुआ था।

सलिल को आयकर विभाग कर चुका है सम्मानित
दिल्ली के आयकर विभाग की टीम भले ही प्रवीण कक्कड़ और उनके बेटे सलिल के यहां अघोषित आय की तलाश में दिन-रात जुटी है, लेकिन इंदौर का आयकर विभाग दो साल पहले सलिल को बेहतर करदाता के रूप में सम्मानित कर चुका है। सीए अनिल गर्ग के मुताबिक, कक्कड़ का नाम क्षेत्र में सबसे ज्यादा आयकर जमा करने वाले लोगों में शामिल है। इस बीच एक और बात सामने आई है कि आयकर की जांच में तमाम कंपनियों में प्रवीण कक्कड़ की सीधी भूमिका नहीं मिल रही है। सूत्रों के मुताबिक ओएसडी के तौर पर नियुक्ति से पहले ही कक्कड़ खुद को कंपनियों के बोर्ड और निदेशक के तौर पर अलग कर चुके थे। इन कंपनियों में उनके बजाय पत्नी और पुत्र निदेशक के तौर पर जुड़ गए थे।

दुर्भावनावश की गई छापेमारी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और मप्र लोकसभा चुनाव प्रबंधन प्रभारी सुरेश पचौरी ने कहा कि मोदी सरकार प्रदेश की कमलनाथ सरकार के निर्णयों से भयभीत है। दुर्भावनावश आयकर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। आदर्श आचार संहिता के दौरान चुनाव आयोग व प्रदेश सरकार को जानकारी दिए बिना छापेमारी करना नियमों व प्रचलित परंपराओं के प्रतिकूल है। इस संबंध में चुनाव आयोग द्वारा भी केंद्रीय राजस्व सचिव को निर्देशित किया गया है कि आयकर विभाग की भूमिका दुर्भावना से प्रेरित न होकर निष्पक्ष होनी चाहिए।

कांग्रेस के नेता ऐसे ही आरोप लगाते हैं: शिवराज
आयकर की छापेमारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं पर जांच एजेंसी कार्रवाई करती है, तो वह ऐसे ही आरोप लगाते हैं। पैसा उनके पास कोई भाजपा वाले रख आए क्या? शिवराज सोमवार को जबलपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह का नामांकन दाखिल करने उनके साथ रैली में शामिल हुए थे।

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