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Monday, July 6, 2020

मन की बात: भारत दोस्ती​ भी निभाना जानता है और आंखों में आंखें डालकर जवाब देना भी- पीएम मोदी

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पीएम मोदी ने मन की बात में कहा, भारत-माता की रक्षा के जिस संकल्प से हमारे जवानों ने बलिदान दिया है. उसी संकल्प को हमें भी जीवन का ध्येय बनाना है.

भारत और चीन की सीमा पर चल रहे विवाद बीच के रविवार को पीएम मोदी ने मन की बात की. कार्यक्रम में मोदी ने लद्दाख के मसले पर बात की. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के बीच हमारे कुछ पड़ोसियों द्वारा जो हो रहा है, देश उन चुनौतियों से भी निपट रहा है. मन की बात में पीएम ने कहा, ‘दुनिया ने इस दौरान भारत की विश्व बंधुत्व की भावना को भी महसूस किया है और इसके साथ ही दुनिया ने अपनी संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा करने के लिए भारत की ताकत और भारत के कमिटमेंट को भी देखा है. उन्होंने कहा, ‘लद्दाख में भारत की भूमि पर, आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है. भारत, मित्रता निभाना जानता है, तो, आंखों में आंखें डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है. हमारे वीर सैनिकों ने दिखा दिया है, कि वो कभी भी मां भारती के गौरव पर आंच नहीं आने देंगे.’ उन्होंने कहा, ‘लद्दाख में हमारे जो वीर जवान शहीद हुए हैं, उनके शौर्य को पूरा देश नमन कर रहा है, श्रद्धांजलि दे रहा है. पूरा देश उनका कृतज्ञ है, उनके सामने नत-मस्तक है. इन साथियों के परिवारों की तरह ही हर भारतीय इन्हें खोने का दर्द भी अनुभव कर रहा है. लद्दाख में हमारे जो वीर जवान शहीद हुए हैं. उनके शौर्य को पूरा देश नमन कर रहा है. श्रद्धांजलि दे रहा है. पूरा देश उनका कृतज्ञ है, उनके सामने नत-मस्तक है. इन साथियों के परिवारों की तरह ही, हर भारतीय इन्हें खोने का दर्द भी अनुभव कर रहा है.’

लोकल के लिए वोकल होना देश को मजबूत करना

पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘भारत-माता की रक्षा के जिस संकल्प से हमारे जवानों ने बलिदान दिया है, उसी संकल्प को हमें भी जीवन का ध्येय बनाना है. हर देशवासी को बनाना है. हमारा हर प्रयास इसी दिशा में होना चाहिए, जिससे सीमाओं की रक्षा के लिए देश की ताकत बढ़े, देश और अधिक सक्षम बने, देश आत्मनिर्भर बने यही हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी.’ मन की बात में पीएम मोदी ने स्थानीय वस्तुओं पर जोर ​देते हुए कहा, लोकल खरीदेंगे, लोकल के लिए वोकल होंगे, तो समझिए आप देश को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं. ये भी एक तरह से देश की सेवा ही है. उन्होंने आगे कहा, ‘भारत का संकल्प है- भारत के स्वाभिमान और संप्रभुता की रक्षा. भारत का लक्ष्य है आत्मनिर्भर भारत. भारत की परंपरा है भरोसा, मित्रता. भारत का भाव है बंधुता. हम इन्हीं आदर्शों के साथ आगे बढ़ते रहेंगे.’

अनलॉक में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

पीएम ने कहा, ‘आज डिफेंस सेक्टर में तकनी​क के क्षेत्र में भारत आगे बढ़ने का निरंतर प्रयास कर रहा है. भारत आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ा रहा है. कोई भी मिशन जन-भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता. सफल नहीं हो सकता इसलिए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक नागरिक के तौर पर हम सबका संकल्प, समर्पण और सहयोग बहुत जरूरी है, अनिवार्य है. आप लोकल खरीदेंगे लोकल के लिए वोकल होंगे तो समझिए आप देश को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं. ये भी एक तरह से देश की सेवा ही है. आप किसी भी प्रोफेशन में हों हर-एक जगह, देश-सेवा का बहुत स्कोप होता ही है. देश की आवश्यकता को समझते हुए जो भी कार्य करते हैं वो, देश की सेवा ही होती है.’ पीएम ने आगे कहा, लॉकडाउन से ज्यादा सतर्कता हमें अनलॉक के दौरान बरतनी है. आपकी सतर्कता ही आपको कोरोना से बचाएगी. इस बात को हमेशा याद रखिए कि अगर आप मास्क नहीं पहनते हैं, दो गज की दूरी का पालन नहीं करते हैं या फिर दूसरी जरूरी सावधानियां नहीं बरतते हैं तो आप अपने साथ-साथ दूसरों को भी जोखिम में डाल रहे हैं. मेरा निवेदन है कि आप लापरवाही मत बरतिये अपना भी खयाल रखिए और दूसरों का भी.

पीएम मोदी ने मन की बात में बिहार के शहीद को किया याद, कहा- कुंदन के पिता के शब्‍द गूंज रहे मेरे कानों मेंपीएम मोदी ने मन की बात में बिहार के शहीद को किया याद, कहा- कुंदन के पिता के शब्‍द गूंज रहे मेरे कानों में

पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में बिहार के शहीद कुंदन को याद किया। उन्‍होंने कहा कि शहीद कुंदन के पिता के शब्‍द मेरे कानों मेंं गूंजते हैं।

 पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में बिहार के शहीद कुंदन को याद किया। उन्‍होंने कहा कि शहीद कुंदन के पिता के शब्‍द मेरे कानों मेंं गूंजते हैं। बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले शहीद कुंदन के पिता नमिंदर सिंह ने कहा था कि मेरा और बेटा होता तो उसे भी सेना में भेजता। लेकिन मैं अपने पोतों को देश के दुश्‍मनों से लड़ने के लिए सेना में जरूर भेजूंगा। बता दें कि 15 जून को सेना में तैनात कुंदन चीन के बॉर्डर पर शहीद हो गया था। पांच साल के बेटे ने उन्‍हें मुखाग्नि दी थी। गौरतलब है कि कुंदन के दो बेटे हैं, जबकि भाई में वे इकलौते थे।

पीएम बोले कुंदन के परिवारों का बलिदान पूजा के लायक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात में रविवार को कहा कि बिहार से शहीद कुंदन कुमार के पिता ने कहा कि वह अपने पोतों को भी देश की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों में भेजेंगे। यह हर शहीद के परिवार की आत्मा है। इन परिवारों का बलिदान पूजा के लायक है। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मन की बात में कुंदन को याद किये जाने को बिहार की जनता काफी प्रशंसा कर रही है।

मुख‍ाग्नि के वक्‍त चिल्‍ला उठा था पांच साल का बेटा

गौरतलब है कि गलवन घाटी में शहीद हुए सहरसा जिले के आरण गांव के जवान कुंदन कुमार को शहीद के बड़े पुत्र रोशन कुमार (05) से मुखाग्नि दी थी। शहीद के पांच साल के मासूम पुत्र रोशन को यह अहसास ही नहीं था कि उसके पिता अब कभी उठकर उसे नहीं दुलारेंगे। मुखाग्नि की रस्म अदा करते वक्त वह फूट-फूट कर रो पड़ा था, चिल्लाने लगा पापा को आग मत लगाओ, जल जाएंगे…। वहीं खड़ा उसका चार साल का छोटा भाई राणा भी सुबक रहा था। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों का कलेजा फटा जा रहा था।

चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में चीन से चल रहे विवाद को लेकर कहा कि आपदाओं के बीच हमारे कुछ पड़ोसियों द्वारा जो हो रहा है, देश उन चुनौतियों से भी निपट रहा है। मोदी ने कहा कि लद्दाख में भारत की भूमि पर, आंख उठाकर देखने वालों को, करारा जवाब मिला है। भारत, मित्रता निभाना जानता है, तो, आंख-में-आंख डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा हर प्रयास इसी दिशा में होना चाहिए जिससे सीमाओं की रक्षा के लिए देश की ताकत बढ़े, देश और अधिक सक्षम बने, देश आत्मनिर्भर बने- यही हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी।

 ‘आप मास्क नहीं पहनते हैं तो आप परिवार को संकट में डालते हैं

इस दौरान कोरोना संकट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा अगर कोरोना संकट के दौरान आप मास्क नहीं पहनते हैं तो आप परिवार को संकट में डालते हैं। पीएम ने कहा कि चुनौती आती रहती है। एक साल में एक चुनौती आए या फिर 50 चुनौती। इससे साल कभी खराब नहीं होता। भारत का इतिहास चुनौती से भरा रहा है।

लोग खूब बातें कर रहे हैं कि आखिर यह साल कब बीतेगा?

भारत ने संकट को सफलता की सीढ़ियों में बदला है। महामारी पर लोग खूब बातें कर रहे हैं कि आखिर यह साल कब बीतेगा? उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से ज्यादा अनलॉक में सतर्क रहने की जरूरत है तभी कोरोना से अपने आपको और परिवार को संक्रमण से बचाया जा सकता है।

दुनिया ने भारत की विश्व बंधुत्व की भावना को महसूस किया

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने जिस तरह मुश्किल समय में दुनिया की मदद की, उसने आज शांति और विकास में भारत की भूमिका को और मजबूत किया है। दुनिया ने भारत की विश्व बंधुत्व की भावना को भी महसूस किया है। अपनी संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा करने के लिए भारत की ताकत और भारत के कमिटमेंट को देखा है। उन्होंने कहा कि भारत का संकल्प है- भारत के स्वाभिमान और संप्रभुता की रक्षा। भारत का लक्ष्य है– आत्मनिर्भर भारत। भारत की परंपरा है– भरोसा, मित्रता। भारत का भाव है– बंधुता। हम इन्हीं आदर्शों के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।

 ‘देश नए लक्ष्य प्राप्त करेगानई उड़ान भरेगानई ऊंचाइयों को छुएगा

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में जहां एक तरफ बड़े-बड़े संकट आते गए, वहीं सभी बाधाओं को दूर करते हुए अनेकों-अनेक सृजन भी हुए। नए साहित्य रचे गए, नए अनुसंधान हुए, नए सिद्धांत गड़े गए, यानि संकट के दौरान भी हर क्षेत्र में सृजन की प्रक्रिया जारी रही और हमारी संस्कृति पुष्पित-पल्लवित होती रही। इसी साल में, देश नए लक्ष्य प्राप्त करेगा, नई उड़ान भरेगा, नई ऊंचाइयों को छुएगा। मुझे, पूरा विश्वास, 130 करोड़ देशवासियों की शक्ति पर है, आप सब पर है, इस देश की महान परम्परा है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा था कि रविवार को 11 बजे दिन मन की बात कार्यक्रम को सुनें। ये मन की बात कार्यक्रम का 66वां संस्करण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों के साथ संवाद करते हैं।

इससे पहले 14 जून को पीएम मोदी ने देशवासियों से ‘मन की बात’ कार्यक्रम के लिए सुझाव और विचार मांगे थे। पीएम ने ट्वीट कर कहा था कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने विचारों को शेयर करें। पीएम ने कहा था कि मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि आपके पास कोविड-19 से लड़ाई और कई दूसरे मुद्दों पर कहने के लिए बहुत कुछ होगा।

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