बिहार: लालू की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ से मांगा जवाब

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रांची। सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाले के चार मामलों के सजायाफ्ता और बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सीबीआइ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उच्‍चतम न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश रंजन गोगोई ने चारा घोटाले के तीन मामलों में लालू की ओर से दाखिल की गई जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी को दो हफ्ते में जवाब देने को कहा है। बहरहाल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल में रहेंगे या फिर लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी पार्टी राजद का टिकट-सिंबल बांटेंगे इस पर अब दो हफ्ते बाद सीबीआइ की ओर से जवाब आने पर ही फैसला होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए दो हफ्ते में जांच एजेंसी से जवाब मांगा है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय में लालू ने अपनी बढ़ती उम्र, गंभीर बीमारी और राजद का अध्‍यक्ष होने के नाते लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट-सिंबल बांटने के लिए एसएलपी दाखिल कर जमानत की गुहार लगाई है। उनके वकीलों के अनुसार लालू के स्‍पेशल लीव पिटिशन पर उनके हक में फैसला आने की उम्‍मीद है। हाला‍ंकि चारा घोटाले के जिन तीन मामलों में लालू ने सुप्रीम कोर्ट से बेल मांगा है, उनमें झारखंड हाई कोर्ट पहले ही उनकी दलीलों को खारिज करते हुए गंभीर अपराध का हवाला देकर लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका खारिज कर चुका है।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए दो हफ्ते में जांच एजेंसी से जवाब मांगा है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय में लालू ने अपनी बढ़ती उम्र, गंभीर बीमारी और राजद का अध्‍यक्ष होने के नाते लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट-सिंबल बांटने के लिए एसएलपी दाखिल कर जमानत की गुहार लगाई है। उनके वकीलों के अनुसार लालू के स्‍पेशल लीव पिटिशन पर उनके हक में फैसला आने की उम्‍मीद है। हाला‍ंकि चारा घोटाले के जिन तीन मामलों में लालू ने सुप्रीम कोर्ट से बेल मांगा है, उनमें झारखंड हाई कोर्ट पहले ही उनकी दलीलों को खारिज करते हुए गंभीर अपराध का हवाला देकर लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका खारिज कर चुका है।

बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और पूर्व रेलमंत्री ने सर्वोच्‍च न्‍यायालय में एसएलपी दायर कर कहा है कि वे 71 साल के बुजुर्ग हैं, साथ ही एक राजनीतिक पार्टी राष्‍ट्रीय जनता दल के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भी हैं। ऐसे में लोकतंत्र के महापर्व लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी महती भूमिका का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने एपेक्‍स कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई है। मालूम हो कि भ्रष्‍टाचार और गंभीर अपराधों की बिना पर सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले के तहत ही दागी नेताओं को चुनाव लड़ने से रोक दिया अब लालू प्रसाद उच्‍चतम न्‍यायालय से चुनाव में टिकट बांटने की आजादी मांग रहे हैं। अभी तक के कानून के मुताबिक आपराधिक मामलों में दो साल से ज्यादा की सजा होने पर छह साल की अयोग्यता का प्रावधान किया गया है। जबकि करप्शन, एनडीपीएस में सिर्फ दोषी करार होना काफी है।

विपक्षी महागठबंधन की सीटों का बंटवारा भी लालू करेंगे
रांची के रिम्‍स में गंभीर बीमारियों का इलाज करा रहे लालू प्रसाद यादव लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी की ओर से टिकट और सिंबल बांटने के लिहाज से जमानत चाहते हैं। अब 15 मार्च को सुप्रीम कोर्ट उनकी लोकसभा चुनाव 2019 में भागीदारी को लेकर फैसला करेगा।

इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट से बिहार के पूर्व सीएम व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को तब बड़ा झटका लगा। जब जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआइ कोर्ट ने लालू प्रसाद को देवघर, दुमका और चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सजा सुनाई है। उनकी ओर से हाई कोर्ट से उक्त तीनों मामलों में सजा को निलंबित करते हुए जमानत प्रदान करने का आग्रह किया गया था।

बीमारी का दिया हवाला
कोर्ट बताया गया था कि लालू प्रसाद की उम्र 71 हो गई है। उन्हें डायबटीज, बीपी, हृदय रोग सहित कई अन्य बीमारियां हैं। फिलहाल, उनका रिम्स में इलाज चल रहा है। लालू प्रसाद प्रतिदिन करीब 13 प्रकार की दवाओं का सेवन कर रहे हैं।

लालू को करनी है चुनाव की तैयारी 
लालू प्रसाद राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी है। जिसको लेकर पार्टी नेताओं के साथ उन्हें कई बैठक करनी होगी और रणनीति तय करनी होगी। उम्मीदवार भी तय करने होंगे। उम्मीदवारों को सिंबल देने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का हस्ताक्षर होना जरूरी है, इसलिए उन्हें जमानत प्रदान की जाए।

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