हलाल बैकिंगः निवेशकों से करोड़ों लेकर फ़रार हुए मालिक, कथित ऑडियो में कहा- आत्महत्या कर रहा हूं

0
16

बेंगलुरू में लेडी कर्ज़न रोड पर स्थित आईएमए गोल्ड के कार्यालय के सामने फ़ुटपाथ पर 50 साल के अंसार पाशा और बुरक़ा पहने उनकी पत्नी हताश खड़े हैं.

आई मॉनेटरी एडवाइज़री या आईएमए कंपनी बंद है और निवेशकों को उनके पैसे लौटाए नहीं जा रहे हैं. पाशा परिवार का 7.5 लाख रुपये अभी भी इस कंपनी में रुका हुआ है और कंपनी ने कुछ दिनों से अपना कार्यालय बंद कर दिया है. पाशा कंपनी के उन 8,000 निवेशकों में से एक हैं जिन्होंने पिछले 48 घंटों में पुलिस के पास धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस में दायर इन शिकायतों से शुरुआती अनुमान यही लगाया जा रहा है कि ये क़रीब 500 करोड़ रुपये का घोटाला हो सकता है.

सिटी मार्केट इलाक़े में नारियल का कारोबार करने वाले पाशा ने पिछले तीन सालों में कंपनी के हलाल बैंकिंग स्कीम के तहत आईएमए गोल्ड में 10 लाख रुपये का निवेश किया था. पाशा ने बीबीसी को बताया, “हमें प्रति लाख ढाई से तीन हज़ार रुपये हर महीने मिलते थे. लेकिन पिछले कुछ महीने से हमें 1,000 रुपये प्रति माह मिलने लगा. हमें बताया गया कि इसमें उतार चढ़ाव होता रहेगा.” पांच महीने पहले उन्होंने अपने निजी ख़र्च के लिए 2.5 लाख रुपये निकाले. जब ब्याज एक प्रतिशत से भी नीचे आ गया तो उन्हें अपने बाक़ी निवेश की चिंता होने लगी. चिंतित पाशा कहते हैं, “मैंने अपना पैसा निकालना चाहा लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया.”

बेंगलुरू में चिटफ़ंड घोटालाइमेज कॉपीरइटBANGALORE NEWS PHOTOS

मालिक फ़रार, आत्महत्या की दी धमकी

आईएमए ग्रुप के एकमात्र मालिक मोहम्मद मंसूर ख़ान हैं, जो अचानक ग़ायब हो गए और दो दिन पहले एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई जिसमें कथित रूप से उनकी आवाज़ है. इसमें उन्होंने आत्महत्या करने की धमकी दी है. पिछले कुछ महीनों से एक प्रतिशत ब्याज मिलना भी बंद होना और ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद हज़ारों निवेशक आईएमए गोल्ड के कार्यालय के सामने इकट्ठा हो गए. रमज़ान के चार दिन बाद भी जब आईएमए कार्यालय नहीं खुला तो निवेशकों में बेचैनी छा गई. पाशा के अनुसार, “हमने अपने पूरे दस्तावेज़ों के साथ पुलिस में शिकायत की.” पाशा की तरह ही सैय्यद रफ़ीक़ ने केवल एक लाख रुपये जमा कराया था. वो कहते हैं, “मुझे 20,000 रुपये वापस मिल गए हैं, लेकिन मैं शिकायत करने जा रहा हूं. हम छोटे कारोबारी हैं जिन्होंने यहां अपना पैसा लगाया है. हमें कम से कम अपना मूल धन तो वापस मिलना चाहिए.” उनसे कुछ ही दूरी पर खड़ी भारती मनोहर अपने बैग में पूरे दस्तावेज़ लेकर आई हैं. उन्होंने अपनी बेटी के लिए शादी की स्कीम में और अपने बेटे बेटी की पढ़ाई के लिए एक अन्य स्कीम में निवेश किया था. रफ़ीक़ की तरह ही तीन लाख के निवेश पर उन्हें पढ़ाई स्कीम के तहत 2017 में 80 हज़ार और 70 हज़ार रुपये मिले. वो कहती हैं, “स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले हमें ये राशि मिली. हमने बच्चों को अच्छे स्कूल में डाला.”

बेंगलुरू में चिटफ़ंड घोटालाइमेज कॉपीरइटBANGALORE NEWS PHOTOS

कंपनी एक दशक से कारोबार में

इस्लामिक बैंकिंग में भारती की रुचि इसलिए हुई क्योंकि उनके पति मुस्लिम हैं. उन्हें अचानक पता चला कि उन्हें पैसे मिलने बंद हो गए हैं. उनके अनुसार, “जब मैं पैसे निकालने आई तो आईएमए गोल्ड के कर्मचारी ने बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनाव ख़त्म होंगे, सब ठीक हो जाएगा. इसलिए मैंने पैसे नहीं निकाले.” और जब ऑडियो क्लिप वायरल हुई, तो वो उस भीड़ में शामिल हो गईं जो पुलिस में शिकायत करने के लिए पास की ही एक इमारत में क़तार लगाए हुए थी.

बेंगलुरू ईस्ट के एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस सीमंथ कुमार सिंहइमेज कॉपीरइटTWITTER @SEEMANTH KUMAR SINGH
Image captionबेंगलुरू ईस्ट के एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस सीमंथ कुमार सिंह

बेंगलुरू ईस्ट के एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस सीमंथ कुमार सिंह ने बीबीसी को बताया, “लोग चिंतित हैं और उनमें आक्रोष है. इसलिए हमने महसूस किया कि एक ही जगह पर शिकायत करने की सुविधा दी जाए. हमने सोमवार की रात 3 बजे सुबह तक लोगों की शिकायतें लीं. मंगलवार की शाम तक हमें सात से 8,000 शिकायतें मिली हैं.” ये चिटफ़ंड कंपनी बुनियादी ढांचा, गोल्ड, फ़िक्स डिपॉज़िट, रियल इस्टेट, फ़ार्मास्युटिकल्स आदि में अपने पैसे लगाती थी. पुलिस ने बताया कि कंपनी एक दशक से ज़्यादा समय से इस शहर में कारोबार कर रही है लेकिन उसके ख़िलाफ़ पहले एक भी शिकायत दर्ज नहीं थी.

बेंगलुरू में चिटफ़ंड घोटालाइमेज कॉपीरइटBANGALORE NEWS PHOTOS

एमएलए पर लगाया आरोप

इस्लामिक बैंकिंग के उसूलों पर चलने वाली इस कंपनी के बाक़ी निदेशकों को भी पता नहीं है कि 45 साल के मंसूर ख़ान के पास कितनी संपत्ति है.  सीमंथ कुमार के अनुसार, “निदेशकों ने बताया कि सारा काम अकेले मंसूर ख़ान ख़ुद देखते थे.” मंसूर ख़ान ने शहर के पुलिस कमिश्नर को संबोधित अपने ऑडियो क्लिप में दावा किया है कि अधिकारियों और शिवाजीनगर एमएलए की ओर से उसे परेशान किया जा रहा है इसलिए वो आत्महत्या कर लेंगे. ख़ान ने उन पर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए 400 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया है, क्योंकि कथित तौर पर उन्हें कांग्रेस पार्टी से टिकट मिलना तय था. शिवाजीनगर के विधायक रोशन बेग तब सुर्ख़ियों में आए थे, जब एक्ज़िट पोल के तुरंत बाद ही उन्होंने कर्नाटक के कांग्रेसी नेताओं और पार्टी के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल पर निशाना साधा था. हालांकि बेग ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया और कहा कि “आईएमए ग्रुप को वो इसलिए जानते हैं क्योंकि उसने उनके क्षेत्र में एक स्कूल खोला था, जहां भारी संख्या में छात्र पढ़ने आते हैं.”

बेंगलुरू में चिटफ़ंड घोटालाइमेज कॉपीरइटBANGALORE NEWS PHOTOS

सिंह का कहना है कि वो सभी शिकायतों को दर्ज कर रहे हैं, “हम ग्रुप की सारी संपत्ति का आकलन कर रहे हैं ताकि उन्हें सील किया जा सके और कोर्ट से इसे बेचने की अनुमति लेकर लोगों के पैसे लौटाए जा सकें.” पुलिस को संदेह है कि मंसूर ख़ान खाड़ी या मध्यपूर्व देशों में फ़रार हो चुके हैं. लेकिन पुलिस को पूरी उम्मीद है कि वो उन्हें पकड़ लेगी.इस बीच मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने ट्वीट कर इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित करने की बात कही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here