Mission 2019: मायावती कल जारी कर सकती हैं लोकसभा प्रत्याशियों की सूची, 25 से शुरू होगा प्रचार

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया समाजवादी पार्टी से गठबंधन होने के बाद भी अपनी पाटी के लोकसभा चुनाव 2019 में प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर हैं। लखनऊ में आज उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ ही विधायक व विधान परिषद सदस्यों के साथ काफी देर तक कई चरण में बैठक की। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए बसपा के 34 प्रत्याशियों की सूची फाइनल है। कल इस सूची को जारी करने की भी योजना है। पार्टी होली के बाद 25 मार्च से प्रत्याशियों का प्रचार शुरू करेगी। इसके तहत बसपा व सपा की संयुक्त सभा होगी।

बहुजन समाज पार्टी के कार्यालय में आज लंबी बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि बैठक से पहले ही 34 प्रत्याशियों के नाम की सूची फाइनल की गई है। पार्टी कल इस सूची को जारी कर सकती है। इसके साथ ही बसपा व सपा होली के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संयुक्त चुनावी रैली का आयोजन करेंगे। माना जा रहा है कि 25 मार्च से इनकी रैलियां होंगी।

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने आज लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद सूची को अंतिम रूप दिया। इसको गठबंधन की समाजवादी पार्टी से विमर्श करके कल या फिर शनिवार को जारी किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि चुनावी तैयारियों के संबंध में प्राप्त फीडबैक के अनुसार बसपा और सपा नेतृत्व की अपील का जनता पर काफी अच्छा प्रभाव है। गठबंधन की तीनों पार्टियों के समर्थक एवं कार्यकर्ता मतभेद भुला कर इस अहंकारी और जातिवादी भाजपा को पराजित करने का काम कर रहे हैं।

बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती ने निर्देश दिया कि चुनाव आचार संहिता का पूरा सम्मान किया जाना चाहिये। 15 मार्च को बसपा के संस्थापक कांशीराम का जन्मदिन और 14 अप्रैल को डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती शालीनता तथा सादगी के साथ घर पर ही मनाई जानी चाहिए।

मायावती ने कहा कि हमको यह नहीं भूलना चाहिए कि सत्ताधारी भाजपा अनेकों हथकण्डों का इस्तेमाल कर चुनाव जीतने में विश्वास रखती है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड और मध्य प्रदेश में बसपा-सपा गठबंधन विश्वसनीय विकल्प बनकर आगे बढ़ रहा है तथा अच्छे परिणाम आने की पूरी संभावना है। ईवीएम पर भी खास ध्यान रखने की जरूरत है।

मायावती ने फिर एक बार लोगों को सावधान किया कि सत्ताधारी भाजपा केवल जातिवादी, साम्प्रदायिक व गरीब, मजदूर व किसान विरोधी पार्टी ही नहीं है बल्कि साम, दाम, दण्ड, भेद आदि अनेकों हथकण्डों आदि का इस्तेमाल करके चुनाव जीतने में विश्वास रखती है। जिसका अनुभव आज पूरा देश कर रहा है तथा उनसे त्रस्त जनता इस निरंकुश सरकार से मुक्ति पाने को अतुर लगती है।

बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बताया कि मीटिंग में गठबंधन की सीटों पर चर्चा हुई। बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा प्रभारियों और जोनल कोऑर्डिनेटरों के संग बैठक की। इस बैठक में लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा हुई।

रायबरेली और अमेठी से गठबंधन के उम्मीदवार उतारने की चर्चा पर विधायक उमाशंकर सिंह ने बताया कि इस पर अंतिम निर्णय पार्टी के बड़े नेताओं पर है। उमा शंकर सिंह ने यह भी कहा कि कई दलों के बड़े नेता गठबंधन की ताकत को देखते हुए पार्टी के संपर्क में हैं।

होली के बाद मायावती व अखिलेश की संयुक्त रैलियां

लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सात चरण में मतदान होगा। इसके लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ बसपा मुखिया मायावती हर चरण में होली के बाद एक-एक संयुक्त रैलियों को संबोधित कर गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। दोनों दलों के नेता हर क्षेत्र में एक-एक रोड शो भी कर सकते हैं। पहले चरण में अखिलेश और मायावती की सात संयुक्त रैलियों का खाका तैयार कर लिया गया है।

लोकसभा चुनाव की शुरुआत 11 अप्रैल से हो रही है। पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ लोकसभा सीटों पर चुनाव होना है। पहले चरण में सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर में मतदान होगा।

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