Home रहस्य उद्धव ठाकरे के हाथों में होगी महाराष्ट्र की कमान

उद्धव ठाकरे के हाथों में होगी महाराष्ट्र की कमान

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मुंबई के नेहरू सेंटर में शुक्रवार को महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की बैठक हुई.

बैठक समाप्त होने के बाद सबसे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार बाहर निकले उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के नेतृत्व को लेकर कोई ग़लफ़हमी नहीं है और वो उद्धव ठाकरे के हाथों में है.

शरद पवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के बारे में सहमति बनी है और मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनी है.

उन्होंने कहा कि शनिवार को सभी बातों की घोषणा की जाएगी.

शरद पवार के बाद बैठक से शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, संजय राउत निकले. उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहली बार तीनों पार्टियों के नेता साथ बैठे हैं और सरकार बनाने से पहले सारे मुद्दों को हल कर लेना चाहते हैं

शुक्रवार को दिन में मुंबई के नेहरू सेंटर में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की बैठक हुई. जिसमें उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, शरद पवार, प्रफ़ुल्ल पटेल, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और पृथ्वीराज चव्हाण जैसे महाराष्ट्र के शीर्ष नेता शामिल थे.

नितिन गडकरी

‘छह से आठ महीने चलेगी सरकार’

शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन विचारों का नहीं बल्कि अवसर का गठबंधन है.

उन्होंने कहा कि दोनों के विचार और सिद्धांत अलग-अलग हैं और महाराष्ट्र के लिए स्थिर सरकार की आवश्यकता है. साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन हिंदुत्व पर टिका हुआ है और इसी कारण दोनों का गठबंधन काफ़ी लंबे समय तक चला है.

गडकरी ने कहा, “तीनों पार्टियां सिर्फ़ बीजेपी को बाहर करने के मक़सद से एक साथ आई हैं. मुझे संदेह है कि सरकार कब बनेगी. अगर यह बनती भी है तो यह छह से आठ महीने तक नहीं चल पाएगी.”

उद्धव ठाकरे

बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को मिला था बहुमत

21 अक्तूबर को हुए मतदान के बाद 24 अक्तूबर को जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम आए तब बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था.

चुनाव से पहले बीजेपी-शिवसेना और एनसीपी-कांग्रेस का गठबंधन था. बीजेपी को 105 और शिवसेना को 56 सीटें मिली थीं जबकि एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं.

288 सदस्यों सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 145 सीटों की आवश्यकता है. बीजेपी-शिवसेना के पास सरकार बनाने के लिए बहुमत था लेकिन शिवसेना ने कह दिया कि वह तभी बीजेपी को समर्थन देगी जब वह अपना वादा पूरा करती है.

शिवसेना का कहना है कि उसका बीजेपी से इसी शर्त पर गठबंधन हुआ था कि ढाई-ढाई साल दोनों पार्टियों का मुख्यमंत्री होगा.

हालांकि, बीजेपी इस पर राज़ी नहीं हुई तो शिवसेना ने उसे समर्थन देने से इनकार कर दिया और बाद में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस्तीफ़ा देना पड़ा.

इस दौरान महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना और बाद में एनसीपी को भी सरकार बनाने का न्यौता दिया लेकिन उन्होंने भी सरकार बनाने का दावा नहीं किया. इस दौरान शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की अंदरखाने बातचीत चलती रही.

इस दौरान तीनों दलों की विचारधारा पर भी सवाल उठाए जाते रहे लेकिन इस पर ज़्यादा किसी नेता ने बात नहीं की. शिवसेना की ओर से सांसद संजय राउत एनसीपी और कांग्रेस से बातचीत करते रहे.

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