मकर संक्रांति साल 2020 में,15 जनवरी को मनाई जा रही है। देशभर में इसी दिन से खरमास समाप्त हो जाएंगे और शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी

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मकर संक्रांति साल 2020 में,15 जनवरी को मनाई जा रही है। देशभर में इसी दिन से खरमास समाप्त हो जाएंगे और शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी.

आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) छतरपुर मध्यप्रदेश,
सम्पर्क: 9131366453

मकर संक्रांति 15 जनवरी 2020 को सुबह में 8 बजकर 44 मिनट पर प्रवेश कर रही है।
मकर राशि पर सूर्य का प्रवेह हो रहा है।

मकर संक्रांति पुण्य काल मुहूर्त:

पुण्य काल सुबह:- 08:44 से शाम 4 बजकर 44 मिनट तक है।

पुण्यकाल की कुल अवधि- 08 घंटे 44 मिनट

तथा सूर्यस्त तक सामान्य पूर्ण काल रहेगा,

मकर संक्रान्ति,गधा वाहन पर आई है। और उपवाहन मेष (भेङ) है। पीले वस्त्र धारण किए हुई है। बिचित्र चोली पहने। गोपी चंदन का लेपन । केतकी का पुष्प धारण किए है। हीरा आभूषण।, कांसे के वर्तन में पुआ (अपूप पान) का भोजन कर रही है।, दंड लिए, पक्षी जाती,तरुण अवश्था, सोती स्थिति, दक्षिण की ओर मुख किए। पूर्व से आई। पश्चिक को जा रही है, वायु कोण में दृस्टि हाथ मे लाल फल लेकर मकर संक्रान्ति आई है।

खिचड़ी का महत्व
मकर संक्रांति को खिचड़ी बनाने, खाने और दान करने खास होता है। इसी वजह से इसे कई जगहों पर खिचड़ी भी कहा जाता है। मान्यता है कि चावल को चंद्रमा का प्रतीक मानते हैं, काली उड़द की दाल को शनि का और हरी सब्जियां बुध का प्रतीक होती हैं। कहते हैं मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने से कुंडली में ग्रहों की स्थिती मजबूत होती है। इसलिए इस मौके पर चावल, काली दाल, नमक, हल्दी, मटर और सब्जियां डालकर खिचड़ी बनाई जाती है।

सूर्य का मकर राशि मे प्रवेश होना मतलब सूर्य उत्तरायण आना इस दिन से धार्मिक कार्य भी अधिक मात्रा में प्रारम्भ हो जाते है। विवाह यज्ञ इत्यादि कई धार्मिक कार्य प्रारंभ हो जाते है।

किस राशि वालो को कैसी रहेगी संक्रान्ति,
राशि अनुसार क्या करें दान :-

1. मेष-  ज्ञान वृद्धि दायक रहेगी संक्रान्ति, जल में पीले पुष्प, हल्दी, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। तिल-गुड़ का दान दें। उच्च पद की प्राप्ति होगी।धन लाभ के योग हैं साथ ही ज्ञान वृद्धि होगी!

2. वृष-  कलह दायक रहेगी संक्रान्ति, जल में सफेद चंदन, दुग्ध, श्वेत पुष्प, तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। बड़ी जवाबदारी मिलने तथा महत्वपूर्ण योजनाएं प्रारंभ होने के योग बनेगें।

3. मिथुन-  लाभ दायक रहेगी संक्रान्ति, जल में तिल, दूर्वा तथा पुष्प मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। गाय को हरा चारा दें। मूंग की दाल की खिचड़ी दान दें। ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।

4. कर्क- संतोष जनक रहेगी संक्रान्ति, जल में दुग्ध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। चावल-मिश्री-तिल का दान दें। कलह-संघर्ष, व्यवधानों पर विराम लगेगा।

5. सिंह- धन लाभ लेकर आएगी संक्रान्ति, जल में कुमकुम तथा रक्त पुष्प, तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। तिल, गुड़, गेहूं, सोना दान दें। किसी बड़ी उपलब्धि की प्राप्ति होगी।

6. कन्या- यह संक्रांति हानि कारक है। जल में तिल, दूर्वा, पुष्प डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। मूंग की दाल की खिचड़ी दान  दें। गाय को चारा दें। शुभ समाचार मिलेगा।

7. तुला-  लाभ दायक है संक्राति, सफेद चंदन, दुग्‍ध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। चावल का दान दें। व्यवसाय में बाहरी संबंधों से लाभ तथा शत्रु अनुकूल होंगे।

8. वृश्चिक- इष्ट सिद्धि के प्राप्ति होगी, जल में कुमकुम, रक्तपुष्प तथा तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। गुड़ का दान दें। विदेशी कार्यों से लाभ तथा विदेश यात्रा होगी।

9. धनु- धर्म लाभ प्राप्त होगा इस संक्रान्ति को, जल में हल्दी, केसर, पीले पुष्प तथा तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। चहुंओर विजय होगी।

10. मकर- कष्ट दायक रहेगी संक्रांति, जल में काले-नीले पुष्प, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। गरीब-अपंगों को भोजन दान दें। अधिकार प्राप्ति होगी।

11. कुम्भ- यह संक्रान्ति, सम्मान दिलाएगी, जल में नीले-काले पुष्प, काले उड़द, सरसों का तेल-तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। तेल-तिल का दान दें। विरोधी परास्त होंगे।

12. मीन- भय रहेगा इस संक्रान्ति को, हल्दी, केसर, पीले पुष्प, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। सरसों, केसर का दान दें। सम्मान, यश बढ़ेगा।                       

सूर्य मकर राशि मे प्रवेश होता है उसी को मकर संक्रांति कहते है।

कुछ विशेष जानकारी मकर संक्रांति के आने पर

कहा जाता है कि आज ही के दिन गंगा जी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थी। इसीलिए आज के दिन गंगा स्नान व तीर्थ स्थलों पर स्नान दान का विशेष महत्व माना गया है। मकर संक्रान्ति के दिन से मौसम में बदलाव आना आरम्भ होता है। यही कारण है कि रातें छोटी व दिन बड़े होने लगते हैं। सूर्य के उतरी गोलार्द्ध की ओर जाने नके कारण ग्रीष्म ऋतु का प्रारम्भ होता है। सूर्य के प्रकाश में गर्मी और तपन बढ़ने लगती है। इसके फलस्वरुप प्राणियों में चेतना और कार्यशक्ति का विकास होता है।

मकर-संक्रान्ति के दिन देव भी धरती पर अवतरित होते हैं, आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है, अंधकार का नाश व प्रकाश का आगमन होता है. इस दिन पुण्य, दान, जप तथा धार्मिक अनुष्ठानों का अनन्य महत्व है। इस दिन गंगा स्नान व सूर्योपासना पश्चात गुड़, चावल और तिल का दान श्रेष्ठ माना गया है।

मकर संक्रान्ति के दिन खाई जाने वाली वस्तुओं में जी भर कर तिलों का प्रयोग किया जाता है। तिल से बने व्यंजनों की खुशबू मकर संक्रान्ति के दिन हर घर से आती महसूस की जा सकती है। इस दिन तिल का सेवन और साथ ही दान करना शुभ होता है। तिल का उबटन, तिल के तेल का प्रयोग, तिल मिश्रित जल से स्नान, तिल मिश्रित जल का पान, तिल- हवन, तिल की वस्तुओं का सेवन व दान करना व्यक्ति के पापों में कमी करता है।

मकर संक्रान्ति के शुभ समय पर हरिद्वार, काशी आदि तीर्थों पर स्नानादि का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन सूर्य देव की पूजा-उपासना भी की जाती है। शास्त्रीय सिद्धांतानुसार सूर्य पूजा करते समय श्वेतार्क तथा रक्त रंग के पुष्पों का विशेष महत्व है। इस दिन सूर्य की पूजा करने के साथ साथ सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।

मकर संक्रान्ति के दिन दान करने का महत्व अन्य दिनों की तुलना में बढ जाता है। इस दिन व्यक्ति को यथासंभव किसी गरीब को अन्नदान, तिल व गुड का दान करना चाहिए। तिल या फिर तिल से बने लड्डू या फिर तिल के अन्य खाद्ध पदार्थ भी दान करना शुभ रहता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार कोई भी धर्म कार्य तभी फल देता है, जब वह पूर्ण आस्था व विश्वास के साथ किया जाता है। जितना सहजता से दान कर सकते हैं, उतना दान अवश्य करना चाहिए।

मकर संक्रान्ति के साथ अनेक पौराणिक तथ्य जुड़े हुए हैं जिसमें से कुछ के अनुसार भगवान आशुतोष ने इस दिन भगवान विष्णु जी को आत्मज्ञान का दान दिया था। इसके अतिरिक्त देवताओं के दिनों की गणना इस दिन से ही प्रारम्भ होती है। सूर्य जब दक्षिणायन में रहते है तो उस अवधि को देवताओं की रात्री व उतरायण के छ: माह को दिन कहा जाता है। महाभारत की कथा के अनुसार भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिये मकर संक्रान्ति का दिन ही चुना था।

यदि आप अपनी किसी समस्या के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) नि:शुल्क ज्योतिषीय सलाह चाहें तो वाट्सएप नम्बर 9131366453 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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