मिलिए मोदी सरकार की महिला मंत्रियों से…

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औरतों के मुद्दों को ज़ोर शोर से उठाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में सिर्फ़ तीन महिलाएं, स्मृति ईरानी, निर्मला सीतारमन और हरसिमरत कौर बादल हैं. ये पिछली एनडीए सरकार के मुकाबले काफ़ी कम हैं.

पिछली सरकार में इनके अलावा चार और महिलाएं थीं. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी, जल संसाधन-नदी विकास और गंगा सफाई मंत्री उमा भारती और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेप्तुल्लाह. साल 2014 के चुनाव के मुकाबले इस बार भारतीय जनता पार्टी ने ज़्यादा महिलाओं को टिकट दिए. हालांकि ये पार्टी की तरफ़ से दिए गए कुल टिकट का 12 फ़ीसदी ही है. बीजेपी की इन 55 महिला उम्मीदवारों में से 41 उम्मीदवारों की जीत हुई, यानी 74 फ़ीसदी की सफलता दर. इसके बावजूद जीतकर आई महिलाओं को सरकार में प्रभावशाली भूमिका नहीं दी गई है. कुल छह महिलाओं को ही मंत्री का कार्यभार सौंपा गया है. इनके राजनीतिक सफर पर एक नज़र –

निर्मला सीतारमन

निर्मला सीतारमनइमेज कॉपीरइटTWITTER/NIRMALA SITHARAMAN

59 साल की निर्मला सीतारमन को ताकतवर वित्त मंत्रालय और कॉरपोर्ट मामलों का मंत्रालय दिया गया है. वो राज्य सभा में बीजेपी सांसद हैं और लगातार दूसरी बार एनडीए सरकार के कैबिनेट का हिस्सा बनी हैं. पिछली सरकार में उन्हें पहले वाणिज्य राज्य मंत्री का पदभार दिया गया था. बाद में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया. इंदिरा गांधी के बाद निर्मला सीतारमन देश की दूसरी महिला रक्षा मंत्री बनीं. निर्मला सीतारमन भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ प्रवक्ताओं में शामिल रही हैं. राजनीति में आने से पहले वे बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के लिए काम कर चुकी हैं.

स्मृति ईरानी

स्मृति ईरानीइमेज कॉपीरइटTWITTER/HIMACHAL PRADESH BJP

43 साल की कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी इस लोकसभा चुनाव के सबसे चर्चित चेहरों में से एक हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को कांग्रेस का गढ़ रहे अमेठी लोकसभा क्षेत्र में 55,000 से ज़्यादा वोट से हराया है. स्मृति ईरानी को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय दिया गया है. वो साल 2014 की सरकार के कैबिनेट में भी शामिल थीं जहां उन्हें पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय और मंत्रिमंडल फ़ेरबदल के बाद कपड़ा मंत्रालय दिया गया था. करियर की शुरुआत में टेलीविज़न धारावाहिकों के ज़रिए ईरानी एक लोकप्रिय अभिनेत्री बनीं और साल 2003 में वो भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गईं.

हरसिमरत कौर बादल

हरसिमरत कौर बादलइमेज कॉपीरइटTWITTER/HARSIMRAT BADAL

52 साल की हरसिमरत कौर बादल बीजेपी के घटक दल, शिरोमणी अकाली दल के कोटे से दूसरी बार कैबिनेट मंत्री बनी हैं. पिछली सरकार की तरह इस बार भी उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का कार्यभार दिया गया है. हरसिमरत कौर शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के उपमुख्यमंत्री रह चुके सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हैं. उन्होंने साल 2009 में राजनीति में कदम रखा और तबसे तीन बार भटिंडा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनकर आई हैं.

निरंजन ज्योति

निरंजन ज्योतिइमेज कॉपीरइटTWITTER/NIRANJAN JYOTI

52 साल की निरंजन ज्योति को ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री का प्रभार दिया गया है. वो उत्तर प्रदेश के फ़तेहपुर से क़रीब दो लाख वोटों से बसपा के सुखदेव प्रसाद वर्मा को हराकर संसद पहुंची हैं. साल 2014 की एनडीए सरकार में वो खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री थीं. दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले एक रैली में उन्होंने ‘रामज़ादों’ और ‘हरामज़ादों’ के बीच चुनाव करने की टिप्पणी की थी, जिसके लिए उन्हें माफ़ी मांगनी पड़ी थी. बारहवीं तक पढ़ाई पूरी करने वालीं निरंजन ज्योति ने सन्यासिन का जीवन अपनाया हुआ है. सांसद बनने से पहले वो हमीरपुर से विधायक चुनी जा चुकी हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं.

देबश्री चौधरी

देबश्री चौधरीइमेज कॉपीरइटTWITTER/DEBASHREE CHAUDHRI

48 साल की देबश्री चौधरी को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार दिया गया है. उन्होंने पश्चिम बंगाल की रायगंज सीट से तृणमूल कांग्रेस के कन्हैयालाल अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की दीपा दासमुंशी, दिग्गज वाम नेता और साल 2014 से सांसद मोहम्मद सलीम को हराकर 40 फ़ीसदी वोट के साथ जीत हासिल की है. पिछले आम चुनाव में मिली दो सीटों से कहीं ज़्यादा इस बार पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने 18 सीटों पर जीत दर्ज की है. देबश्री के अलावा सिर्फ़ एक और सांसद बाबुल सुप्रियो को सरकार के मंत्रिमंडल में जगह मिली है. देबश्री पश्चिम बंगाल बीजेपी की महासचिव हैं.

रेणुका सिंह सरुता

रेणुका सिंह सरुताइमेज कॉपीरइटFACEBOOK/RENUKA SINGH

55 साल की रेणुका सिंह सरुता को आदिवासी मामलों के मंत्रालय में राज्यमंत्री का पद मिला है. वो आदिवासी समुदाय के लिए आरक्षित छत्तीसगढ़ के सरगुजा लोकसभा क्षेत्र से पहली बार सांसद चुनकर आई हैं. छह महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी लेकिन लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सरुता समेत ग्यारह में से नौ सीटों पर जीत दर्ज की. बारहवीं तक पढ़ाई करने वाली रेणुका सिंह सरुता इससे पहले दो बार विधायक का चुनाव जीत चुकी हैं और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल में बतौर महिला एवं बाल विकास मंत्री काम कर चुकीं हैं.

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