वाशिंगटन, एएनआइ। वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा मिल्की वे के बाहरी क्षेत्र में नए सितारों के एक झुंड को देखा है। इस क्षेत्र को आकाशगंगा के कुछ सबसे पुराने सितारों का घर भी कहा जाता है। अहम बात यह है कि इन सितारों की उत्पत्ति मिल्की वे से नहीं हुई है। वर्णक्रमीय विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इनका निर्माण मिल्की वे के पास की ही दो बौनी आकाशगंगाओं (मैजलनिक क्लाउड) से हुआ है।

प्रमुख शोधकर्ता एड्रियन प्राइस-व्हेलन ने कहा, ‘यह तारों का एक छोटा समूह है, जिसमें कुछ हजार से कम तारे हैं।’ ‘एस्ट्रोफिजिकल’ जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि नए खोजे गए सितारों के माध्यम से मिल्की वे के इतिहास के बारे में भी नई जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि मिल्की वे बहुत ही चमकीली कक्षाओं से भरी है। इसलिए विभिन्न सितारों के समूहों की पहचान मुश्किल हो जाती है। इसके लिए सटीक मापन की जरूरत होती है। नए सितारों का समूह छोटा है और यह 11.7 करोड़ वर्ष पुराना है। यह समूह मिल्की वे के बाहरी इलाके में मौजूद है।

समूह ऐसे क्षेत्र में जहां है गैस की धारा

इसके साथ ही वैज्ञानिकों ने चेताया है कि हमारी मिल्की वे की उसके पड़ोस में मौजूद आकाशगंगाओं से टक्कर अनुमान के पूर्व ही हो सकती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि तारों का समूह एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां गैस की धारा है। इस धारा को मैजलनिक स्ट्रीम कहा जाता है। दरअसल, यह क्षेत्र बौनी आकाशगंगाओं का बाहरी छोर है जो अब मिल्की वे की ओर पहुंचकर उसके बाहरी इलाके में जुड़ गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि वैसे मिल्की वे के बाहरी छोर में मौजूद गैस की धाराओं में धातु भी मौजूद होती हैं, लेकिन इन सितारों के पास मौजूद गैस की धारा धातुविहीन है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, जब मैजलनिक स्ट्रीम ने मिल्की वे में प्रवेश किया तो आकाशगंगा के गुरुत्वाकर्षण दवाब ने उसे बहुत संघनित कर दिया, जिसकी वजह से सितारों का निर्माण हुआ। सितारों के समूह की वर्तमान स्थिति को देखते हुए शोधकर्ताओं ने बताया है की मैजलनिक स्ट्रीम का किनारा अभी भी मुख्य आकाशगंगा से 90,000 प्रकाशवर्ष दूर है।