गेंदा और गुड़हल के फूल दूर करेंगे आपके घुटनों का दर्द

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आप फूलों के शौकीन हैं तो अब तक आपने घर के गमलों में गेंदे के पौधे लग चुके हैं। ठंड के मौसम में खिलने वाले इस फूल की खासियत, कई दिन तक ताजा बना रहना है। यह जितना सुंदर नजर आता है, दरअसल उतना ही गुणों की खान है। दयानंद पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की छात्राओं ने शोध के जरिए इसे सिद्ध कर दिया है। एक साल से अधिक समय तक किए गए अध्ययन के बाद छात्राओं ने पाया कि गेंदे के फूल का अर्क घुटनों के दर्द से पूरी तरह निजात दिला सकता है। शोध में गेंदे के साथ गुड़हल का फूल भी शामिल किया गया है। अंतरराष्ट्रीय ओरिएंटल जर्नल ऑफ केमेस्ट्री और जर्नल एंड साइंस रिसर्च ने इसे प्रकाशित किया है।

दर्द खींचता है गेंदा

गेंदे के अर्क से बनी दवाएं दर्द खींचती हैं। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट भी होता है। गठिया, अल्सर, घाव, स्किन से संबंधित दवाओं में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। फूल ही नहीं बल्कि जड़, डंठल, पत्तियां सभी काम आते हैं।

गुड़हल की खासियत

गुड़हल के फूल का अर्क रक्तचाप, मधुमेह, मुंह के छाले व ल्यूकोरिया जैसे रोगों में कारगर है। यह बवासीर व पथरी के इलाज में भी काम आता है। इससे बनी दवाएं सस्ती और बेहद कारगर होंगी।

अर्क में मिले कई दर्द रोधी कंपोनेंट

रसायन शास्त्र विभाग में अध्ययनरत एमएससी अंतिम वर्ष की शोधार्थी छात्राओं ने बताया कि गेंदे में क्योरेसिटीन, ग्लूकोसाइड-ई व डाईग्लूकोसाइ और गुड़हल के अर्क में एल्कोलाइड, टर्पीनोइड्स व फैटी एसिड समेत कई दूसरे कंपोनेंट मिले। 20 दिन तक प्रयोगशाला में इनका अध्ययन करने के बाद जो तथ्य सामने आए उन्हें परीक्षण के लिए देहरादून स्थित ‘हर्बल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट’ भेजा। वहां तथ्यों को जांचकर मुहर लगा दी गई।

मरीज को नहीं होता साइड इफेक्ट

शिक्षक डा. अर्चना दीक्षित ने बताया कि फूलों के अर्क से बनने वाली दवाइयों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। उन्होंने बताया कि शोध कार्य में दिव्यांशी, मनीषा पॉल, श्रुति कपूर, कोपल, पूर्णिमा द्विवेदी, पूर्णिमा सिंह, अंतरा, निधि, तैयब्बा गुल व जया शामिल रहीं। विभाग की शिक्षिकाओं ने इनका मार्गदर्शन किया।

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