मोदी, BJP-भारत के लिए ये क्‍या कह गए PAK PM इमरान खान

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नई दिल्‍ली। पुलवामा हमले को एक माह से अधिक का वक्‍त हो चुका है। तब से लेकर आज तक पाकिस्‍तान भारत को लेकर कई तरह की बयानबाजी भी कर चुका है। खुद पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इसको लेकर कई बड़ी-बात भारत के खिलाफ कर चुके हैं। यहां तक की वह इसे चुनाव जीतने का जरिया कहने तक से भी नहीं चूके। इस हमले के एक माह बाद भी उनका रवैया जस का तस है। शुक्रवार को एक बार फिर उन्‍होंने भारत, भाजपा और पीएम मोदी को लेकर बड़ी बात कही।

फाटा की रैली में भारत पर निशाना 
खैबर पख्‍तून्‍ख्‍वां में फाटा (Federally Administered Tribal Areas) के बाजौर क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए इमरान खान ये कहने से बाज नहीं आए कि भारत की सरकार चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकती है। उन्‍होंने इस रैली में कहा कि भारत में आम चुनाव होने वाले हैं। उन्‍होंने भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि भारत की एक जमात नफरत फैलाकर चुनाव जीतना चाहती है। उन्‍होंने ये भी कहा कि अगले 30 दिनों तक पाकिस्‍तान को बेहद चौकन्‍ना रहना होगा क्‍योंकि भारत में चुनाव हैं और वहां की सरकार इसे जीतने के लिए कुछ भी कर सकती है। उन्‍होंने फाटा के लोगों से ये भी कहा कि वह भी इस दौरान बेहद चौकन्‍ना रहें और अपनी हिफाज‍त के लिए भी पूरी तरह से तैयार रहें। उन्‍होंने इस रैली में भारत और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्‍तान अमन चाहता है और हम जंग नहीं चाहते। लेकिन इसको हमारी कमजोरी भी न समझा जाए। इस रैली में इमरान दोनों देशों के बीच कश्‍मीर को सबसे बड़ा मुद्दा करार देते हुए कहा कि वह इस मसले को बातचीत के जरिए सुलझाने के पक्षधर हैं। इसके लिए उन्‍होंने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत की भी पेशकश की, जिसे उन्‍होंने नहीं माना।

इस्‍लामोफोबिया 
आपको यहां पर ये भी बता दें कि जिस वक्‍त इमरान खान इस रैली को संबोधित कर रहे थे उसी वक्‍त न्‍यूजीलैंड में मस्जिद पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 49 लोग मारे गए जिसमें चार पाकिस्‍तानी नागरिक भी शामिल थे। इसके अलावा सात भारतीयों के लापता होने की भी खबर है। वहीं दो भारतीय मूल के नागरिक भी लापता हैं।इस हमले के बाद सभी देशों की तरफ से इसकी निंदा की गई। वहीं पाकिस्‍तान की तरफ से इस हमले की वजह इस्‍लामोफोबिया करार दिया गया। पाकिस्‍तान की मीडिया से लेकर खुद पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने माना कि यह घटना इसी इस्‍लामोफोबिया का नतीजा है जिसको पश्चिमी देशों ने बढ़ा चढ़ाकर पूरी दुनिया में फैलाया है। उन्‍होंने खुद ट्वीट कर इसका जिक्र भी किया।

इस्‍लामोफोबिया 
आपको यहां पर ये भी बता दें कि जिस वक्‍त इमरान खान इस रैली को संबोधित कर रहे थे उसी वक्‍त न्‍यूजीलैंड में मस्जिद पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 49 लोग मारे गए जिसमें चार पाकिस्‍तानी नागरिक भी शामिल थे। इसके अलावा सात भारतीयों के लापता होने की भी खबर है। वहीं दो भारतीय मूल के नागरिक भी लापता हैं।इस हमले के बाद सभी देशों की तरफ से इसकी निंदा की गई। वहीं पाकिस्‍तान की तरफ से इस हमले की वजह इस्‍लामोफोबिया करार दिया गया। पाकिस्‍तान की मीडिया से लेकर खुद पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने माना कि यह घटना इसी इस्‍लामोफोबिया का नतीजा है जिसको पश्चिमी देशों ने बढ़ा चढ़ाकर पूरी दुनिया में फैलाया है। उन्‍होंने खुद ट्वीट कर इसका जिक्र भी किया।

इमरान का ट्वीट 
इमरान खान ने अपने ट्वीट में लिखा है कि अमेरिका में हुए 9/11 हमले के बाद इस तरह के हमले बढ़े हैं। इसकी वजह है कि इस्‍लाम को गलत तरीके से पूरी दुनिया के सामने रखा गया है। उनके खिलाफ नफरत की तरह से देखा गया है। इस तरह की सोच सिर्फ इमरान खान के बयानों में ही नहीं बल्कि पाकिस्‍तान मीडिया में हुई डिबेट में भी साफतौर पर जाहिर की गई। जियो टीवी पर शाम को प्रसारित एक डिबेट में भी यही बात उजागर हुई। इसमें मौजूद सभी लोगों ने इस हमले को इस्‍लामोफोबिया से पीडि़त करार दिया और साथ ही साथ अमेरिका को आड़े हाथों भी लिया। इसमें ट्रंप समेत पीएम मोदी को भी निशाना बनाया गया। इस डिबेट में शामिल कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि ये दोनों नेता इस्‍लाम के प्रति नफरत और दुष्‍प्रचार कर रहे हैं।

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