मदरसों में गोडसे और प्रज्ञा तैयार नहीं किए जाते- आजम खान

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मदरसों को मुख्यधारा के शिक्षा केंद्रों में शामिल करने के मौजूदा सरकार के फ़ैसले पर समाजवादी पार्टी के सांसद आज़म ख़ान ने निशाना साधा है.

उन्होंने कहा है कि मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ साथ अंग्रेज़ी, हिंदी और गणित भी पढ़ाया जाता है. ये हमेशा से ही होता रहा है. अगर आप उनकी स्थिति सुधारने में मदद करना चाहते हैं तो मदरसों की इमारतें बनवाइए, उन्हें फ़र्नीचर दीजिए और दोपहर के भोजन की व्यवस्था कीजिए.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्होंने कहा, “मदरसे नाथूराम गोडसे या प्रज्ञा ठाकुर जैसे लोगों को पैदा नहीं करते. सबसे पहले तो नाथूराम गोडसे के विचारों को फैलाने वालों को लोकतंत्र का दुश्मन घोषित करना चाहिए.”

रामपुर. समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आजम खान ने यह कहकर एक नया विवाद पैदा कर दिया है कि “मदरसे नाथूराम गोडसे या प्रज्ञा सिंह ठाकुर जैसे लोगों को तैयार नहीं करते हैं.” खान मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. सांसद ने पत्रकारों से कहा, “मदरसे नाथूराम गोडसे जैसे स्वभाव वाले या प्रज्ञा ठाकुर जैसी शख्सियत पैदा नहीं करते हैं.”

आजम खान ने कहा, “पहले घोषणा करें कि नाथूराम गोडसे के विचारों का प्रचार करने वालों को लोकतंत्र का दुश्मन घोषित किया जाएगा, और जिन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए दोषी ठहराया गया है, उन्हें पुरस्कृत नहीं किया जाएगा.” 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी और जमानत पर बाहर प्रज्ञा ठाकुर ने हाल ही में भोपाल से भाजपा उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव जीता है. उन्होंने यह बयान देकर विवाद पैदा कर दिया था कि नाथूराम गोडसे ‘देशभक्त’ था, जिसने 1948 में महात्मा गांधी की हत्या की थी.

आजम खान ने कहा कि अगर केंद्र सरकार मदरसों की मदद करना चाहती है, तो उन्हें सुधार लाना चाहिए. आजम ने कहा, “मदरसों में धार्मिक शिक्षण दिया जाता है. साथ ही मदरसों में, अंग्रेजी, हिंदी और गणित भी पढ़ाया जाता है. यह हमेशा से किया गया है. अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो उनके मानक में सुधार करें. मदरसों के लिए इमारतें, फर्नीचर और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था करें.” केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने योजना की घोषणा करते हुए कहा है, “मदरसे देशभर में बड़ी संख्या में हैं. उन्हें औपचारिक शिक्षा और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जाएगा, ताकि वहां पढ़ने वाले बच्चे भी समाज के विकास में योगदान दे सकें.”

उन्होंने कहा है कि देश भर के मदरसा शिक्षकों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कंप्यूटर जैसे विषयों में विभिन्न संस्थानों से प्रशिक्षण दिया जाएगा. सरकार अगले पांच वर्षो में अल्पसंख्यकों की शिक्षा के लिए पांच करोड़ छात्रवृत्ति देगी और आधा लाभार्थी छात्राएं होंगी.

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