अंतरिम बजट 2019: झूठ की टोकरी जुमलों के बाजार में सजाने का फायदा नहीं-लालू यादव

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नई दिल्ली। केंद्र द्वारा शुक्रवार को पेश किए गए अंतरिम बजट को झारखंड में सत्ता पक्ष ने ऐतिहासिक बताया है, वही कांग्रेस, राजद, झामुमो व सीपीएम ने बजट को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस के मुताबिक, बजट जुमले का पुलिंदा है। वहीं, सीपीएम ने बजट को सच्चाई से परे बताया है। जानिए, बजट पर किस नेता ने क्या कहाः

सीएम रघुवर दास ने ट्वीट में लिखा है कि इनकम टैक्स में छूट सीमा में दोगुनी वृद्धि कर प्रधानमंत्री ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता की ओर से इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री जी का कोटि- कोटि धन्यवाद।

सीएम रघुवर दास ने ट्वीट में लिखा है कि इनकम टैक्स में छूट सीमा में दोगुनी वृद्धि कर प्रधानमंत्री ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता की ओर से इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री जी का कोटि- कोटि धन्यवाद।

पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने ट्वीट में लिखा है कि बजट में समाज के सभी तबकों का ध्यान रखा गया है। बजट में किसानों, मध्‍यम-वर्ग, गरीब और महिलाओं समेत समाज के सभी तबके के लोगों का जिक्र किया गया। यह बजट न्‍यू इंडिया के सपने को साकार करने में मदद करेगा। बढ़िया बजट के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी और वित्त मंत्री पीयूष गोयल जी को बधाई।

पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने ट्वीट में लिखा है कि बजट में समाज के सभी तबकों का ध्यान रखा गया है। बजट में किसानों, मध्‍यम-वर्ग, गरीब और महिलाओं समेत समाज के सभी तबके के लोगों का जिक्र किया गया। यह बजट न्‍यू इंडिया के सपने को साकार करने में मदद करेगा। बढ़िया बजट के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी और वित्त मंत्री पीयूष गोयल जी को बधाई।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने ट्वीट में लिखा है कि बजट था या जुमले का पुलिंदा ?किसानों को बेवकूफ बनाने की पुरजोर कोशिश, वोट दो, बाद में 500 महीने दूंगा।
मोदी जी, 2014 में जो 15 लाख बोले थे वो भेज दो फिर 500 पे भरोसा करेंगे किसान. इनपुट +50% दीजिए पहले किसानों को फिर आगे का वादा कीजिएगा।

युवाओं और महिलाओं को इस बजट में जुमला तक नहीं मिला… मोदी जी नौकरी को लेके इतने हतोत्साहित हैं कि ना स्किल डेवलमेंट की बात की ना नई नौकरियों की।

कितने शर्म की बात है, देश में बेरोजगारों की संख्या आजादी के बाद से चरम पर है लेकिन शाषक शोषक बना बैठा है।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने ट्वीट में लिखा है कि बजट था या जुमले का पुलिंदा ?किसानों को बेवकूफ बनाने की पुरजोर कोशिश, वोट दो, बाद में 500 महीने दूंगा।
मोदी जी, 2014 में जो 15 लाख बोले थे वो भेज दो फिर 500 पे भरोसा करेंगे किसान. इनपुट +50% दीजिए पहले किसानों को फिर आगे का वादा कीजिएगा।

युवाओं और महिलाओं को इस बजट में जुमला तक नहीं मिला… मोदी जी नौकरी को लेके इतने हतोत्साहित हैं कि ना स्किल डेवलमेंट की बात की ना नई नौकरियों की।

कितने शर्म की बात है, देश में बेरोजगारों की संख्या आजादी के बाद से चरम पर है लेकिन शाषक शोषक बना बैठा है।


हेमंत सोरेन बोले, भाजपा का पोल मेनिफेस्टो
हेमंत सोरेन ने कहा कि बजट भाजपा का पोल मेनिफेस्टो है। पिछले चार साल से मगरमच्छ के आंसू बहाने और किसानों की आय दोगुनी करने के नकली वादों के बाद पीयूष गोयल ने अब किसानों को 500 रुपये प्रति माह का वादा किया है।

झूठ की टोकरी जुमलों के बाजार में सजाने का कोई फायदा नहींः लालू
बिहार के पूर्व सीएम व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बजट को लेकर ट्वीट में लिखा है कि झूठ की टोकरी जुमलों के बाजार में सजाने का कोई फायदा नहीं। लोग अब जुमले सुनते ही नहीं बल्कि समझते भी है। समझ कर मुस्कुराते ही नहीं बल्कि ठहाका लगाते है।

झूठ की टोकरी जुमलों के बाजार में सजाने का कोई फायदा नहींः लालू
बिहार के पूर्व सीएम व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बजट को लेकर ट्वीट में लिखा है कि झूठ की टोकरी जुमलों के बाजार में सजाने का कोई फायदा नहीं। लोग अब जुमले सुनते ही नहीं बल्कि समझते भी है। समझ कर मुस्कुराते ही नहीं बल्कि ठहाका लगाते है।

बजट में सच्चाई के आंकड़ों को छुपाया गया 
चतरा। सीपीएम की पूर्व सांसद और झारखंड की प्रभारी वृंदा करात ने बजट के सच्चाई से परे बताया है। माकपा पोलिट ब्यूरो की सदस्य करात शुक्रवार को पार्टी के एक कार्यक्रम में शिरकत के लिए चतरा आई हुई थीं। स्थानीय सर्किट हाउस में उन्होंने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत करते हुए कहा कि हिंदुस्तान में यदि कुछ बन रहा है, तो वो झूठ का मैन्यूफैक्चरिंग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सच्चाई के आंकड़ों को छुपाया है। बजट में उन्होंने किसानों के लिए बीस हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, तो बीस हजार रुपये बढ़ाना चाहिए।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि नौकरियों के सृजन पर इस पूरे बजट में एक शब्द नहीं है। आने वाले तीस वर्षों में क्या होगा नहीं होगा, मोदी जी और आरएसएस की सरकार की 2019 में विदाई होने वाली है। मोदी जी सचमुच किसानों के हमदर्द थे, तो पहले ही वर्ष में किसानों के लिए पांच हजार या छह हजार रुपये देने का प्रावधान क्यों नहीं बनाया था। यह सब चुनावी स्टैंड है। जनता ने मन बना लिया है, मोदी सरकार की विदाई तय है।

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