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Friday, February 21, 2020

विविधतापूर्ण संस्कृति का भी सुंदर प्रतीक नागपुरः सतरंगी पहचान वाला बहुत ही खूबसूरत शहर

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महाराष्ट्र राज्य स्थित नागपुर संतरों के शहर के नाम विख्यात है लेकिन इसकी पहचान कई बातों से है। यह देश की विविधतापूर्ण संस्कृति का भी सुंदर प्रतीक है। आज चलते हैं नागपुर के सफर पर..

कुदरती खूबसूरती और ऐतिहासिक समृद्धि का सुंदर मेल नजर आता है यहां। यदि के सम्मोहित कर देने वाले किलों और पुराने मंदिरों में शहर की विरासत की छाप देख सकते हैं। नागपुर महाराष्ट्र के कुछ खास शहरों में से एक है जहां झीलों और हरियाली से भरी वादियां आपका मन मोह लेंगी। खासतौर पर कुदरत के प्रेमियों के लिए यह स्थान बाहें फैलाए स्वागत करने के आतुर रहता है। यदि आप वाइल्ड लाइफ प्रेमी भी हैं और टाइगर सफारी करना चाहते हैं यह शहर आपकी प्रतीक्षा में है। दरअसल, सबसे हरा और सबसे स्वच्छ शहरों में से एक नागपुर में अनेक वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरी हैं। संतरा नगरी तो यह है ही। खास बात है कि आप यहां के संतरा बगान की सैर के लिए भी आ सकते हैं। फूड लवर्स को तो अपना मुरीद बना लेता है यह शहर। यह बौद्ध-दलित लोगों के लिए आंदोलन का एक मुख्य केंद्र रहा है। बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर ने यही अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध-धर्म की दीक्षा ली थी। कुल मिलाकर, विविधता से भरपूर है यह शहर, जिसका हर रंग खास है।

बख्त बुलंद ने रखी नींव

अठारहवीं शताब्दी के आरम्भ में गोंड राजा बख्त बुलंद ने नागपुर शहर की स्थापना की गई थी। नागपुर ब्रिटिशकालीन मध्य भारत की एक रियासत थी, जिसे पेशवा बाजीराव प्रथम के समय रघुजी भोंसले ने अपनी राजधानी बनाया। 1761 ई. के बाद नागपुर के भोंसले स्वतंत्र रूप से इस पर शासन करने लगे। 1817 ई. में यह ब्रिटिश प्रभाव में आ गया। 1854 ई. में लॉर्ड डलहौजी ने नागपुर को नागपुर नरेश के उत्तराधिकारी न होने के कारण कब्जा कर ब्रिटिश साम्राज्य का अंग बना दिया और वहां के राजवंश के कीमती रत्‍‌न-आभूषणों को नीलाम कर दिया।

भाषाई आधार पर बना शहर

वर्तमान में नागपुर में भोंसले वंश के शासनकाल का एक दुर्ग तथा अन्य भवनादि स्थित हैं। 1861 ई. में इसे मध्य प्रांत की राजधानी बना दिया गया, जो 1956 ई. तक रही। 1956 में भाषा के आधार पर हुए राज्य पुनर्रचना ने नागपुर को महाराष्ट्र का हिस्सा और उसकी उपराजधानी बना दिया।

वायू सेना के मेंटिनेंस कमांड मुख्यालय

भारतीय सशस्त्र बलों के लिए नागपुर शहर एक महत्वपूर्ण केंद्र है। भारतीय वायु सेना के मेंटिनेंस-कमांड का मुख्यालय शहर के वायुसेना नगर में स्थित है। इस केंद्र में कई एमआई-8 हेलीकाप्टर और आईएएफ वाहक आईएल-76 हैं। इस छावनी में, अन्य कई महत्वपूर्ण सैन्य इकाइयाँ जैसे कि सैन्य कानून संस्थान, सेना डाक सेवा केंद्र और सैनिकों के लिए अस्पताल भी हैं।

कब और कैसे पहुंचें?

नागपुर जाने का सही समय अक्टूबर से मार्च है। यहां जाने के लिए डॉ बाबासाहब आंबेडकर विमानपटल जिसे सोनेगांव एयरपोर्ट भी कहते हैं, शहर का अपना एयरपोर्ट है। यह सिटी सेंटर से 6 किलोमीटर की दूरी पर है। नागपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन राज्य का एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है। यहां से सभी बड़े शहरों के लिए ट्रेन उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 6 और 7 नागपुर को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ता है।

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