उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव की गोली मारकर हत्या

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मनीष शर्मा नाम के एक वकील ने दरवेश सिंह यादव पर तीन राउंड फायरिंग की, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मनीष शर्मा ने हमला करने के बाद खुद को भी गोली मार ली.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की नवनियुक्त अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव की आगरा सिविल कोर्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई. न्यूज एजेंसी एएनआई ने ये जानकारी दी है.

दरवेश सिंह यादव उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष थीं. उन्हें दो दिन पहले ही इस पद के लिए चुना गया था. अमर उजाला की खबर के मुताबिक मनीष शर्मा नाम के एक वकील ने दरवेश सिंह यादव पर तीन राउंड फायरिंग की, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मनीष शर्मा ने हमला करने के बाद खुद पर भी गोली चला दी. दरवेश सिंह यादव को गंभीर हालत में पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया.

वहीं, हमले के आरोपी एडवोकेट मनीष शर्मा भी अस्पताल में भर्ती हैं. पिछले साल मार्च महीने में बस्ती जिला के कोर्ट कैंपस में एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

आगरा के एडीजी अजय आनंद ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव की आज आगरा कोर्ट परिसर में एक कार्यक्रम के दौरान उनके सहयोगी मनीष शर्मा ने गोली मारकर हत्या कर दी. उसने आकर उन पर 3 गोलियां मारी. उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई. मनीष गंभीर रूप से घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.’

फिलहाल विवाद के कारण का अभी कुछ पता नहीं चल सका है. दो दिन पहले ही दरवेश उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं. यूपी बार काउंसिल के इतिहास में वे पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं.

यूपी बार काउंसिल का चुनाव रविवार को प्रयागराज में हुआ था. दरवेश सिंह यादव और हरिशंकर सिंह को बराबर 12-12 वोट मिले. दरवेश सिंह के नाम एक रिकॉर्ड यह भी है कि बार काउंसिल के 24 सदस्यों में वे अकेली महिला हैं. चुनाव मैदान में कुल 298 प्रत्याशी थे.

दरवेश यादव मूल रूप से एटा की रहने वाली थीं. 2016 में वे बार काउंसिल की उपाध्यक्ष और 2017 में कार्यकारी अध्यक्ष रह चुकी हैं. वे पहली बार 2012 में सदस्य पद पर विजयी हुई थीं. तभी से बार काउंसिल में सक्रिय रहीं.

उन्होंने आगरा कॉलेज से विधि स्नातक की डिग्री हासिल की. डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) से एलएलएम किया. उन्होंने 2004 में वकालत शुरू की.

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