जस्टिस सीकरी ने आलोक वर्मा मामले पर क्यों दिया PM मोदी का साथ:जस्टिस मार्कंडेय काटजू

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पीएम मोदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की सेलेक्सन कमेटी द्वारा 2-1 के फैसले से आलोक वर्मा को सीबीआई डारेक्टर के पद से हटाए जाने के बाद मामला और भी गहराता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने उन कारणों को बताया है, जिसकी वजह से जस्टिस सीकरी को मल्लिकार्जुन खड़गे के विरोध के बाद पीएम मोदी के निर्णय का समर्थन करना पड़ा. बता दें कि आलोक वर्मा को हटाने वाली सलेक्शन कमेटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सीजेआई के प्रतिनिधि के तौरपर जस्टिस एके सीकरी शामिल थे. बता दें कि आलोक वर्मा ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और इस मसले पर अब सियासत गर्म है.

इस मामले पर जस्टिस काटजू ने 10 जनवरी को एक फेसबुक पोस्ट लिखा- ‘आलोक वर्मा को प्रधान मंत्री, मल्लिकार्जुन खड़गे (विपक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए) और न्यायमूर्ति ए.के. सिकरी (CJI के प्रतिनिधि) की एक समिति द्वारा सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया गया है. पीएम और जस्टिस सीकरी ने उन्हें हटाने का फैसला किया, जबकि खड़गे ने इसका विरोध किया. इस सिलसिले में मुझे रिश्तेदारों और दोस्तों से जस्टिस सीकरी के बारे में पूछताछ के लिए कई टेलीफोन कॉल आए, क्योंकि जाहिर तौर पर यह उनकी राय थी जो निर्णायक थी, और यही मैंने उन्हें बताया.’

‘मैं जस्टिस सीकरी को अच्छी तरह से जानता हूं क्योंकि मैं दिल्ली उच्च न्यायालय में उनका मुख्य न्यायाधीश था और मैं उनकी ईमानदारी की गारंटी ले सकता हूं. उन्होंने तब तक निर्णय नहीं लिया होगा, जब तक उन्हें आलोक वर्मा के खिलाफ रिकॉर्ड में कुछ मजबूत तथ्य नहीं मिले होंगे. वह तथ्य क्या हैं मुझे नहीं पता. लेकिन मैं जस्टिस सीकरी को जानता हूं, और व्यक्तिगत तौर पर कह सकता हूं कि वह किसी से भी प्रभावित नहीं हो सकते. जो भी उनके बारे में कहा जा रहा है वह गलत और अनुचित है.’

आलोक वर्मा पर सेलेक्शन कमेटी के दो-एक के फैसले के बाद जस्टिस काटजू ने जस्टिस सीकरी के हवाले से एक और फेसबुक पोस्ट किया और आलोक वर्मा को हटाए जाने के कारणों का खुलासा किया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने पोस्ट में लिखा है कि जब सेलेक्शन कमेटी ने आलोक वर्मा को हटाया, तो मैंने एक फेसबुक पोस्ट किया था. बहुत से लोगों ने मुझे फोन कर इस बात पर सवाल उठाया कि आलोक वर्मा को अपनी सफाई रखने का मौका आखिर क्यों नहीं दिया गया. इस कारण मैंने जस्टिस सीकरी से फोन पर बातचीत की. इस बातचीत में आलोक वर्मा मामले में हुए फैसले के पीछे के कारण सामने आए, जिन्हें जस्टिस सीकरी की अनुमति से मैं फेसबुक पर पोस्ट कर रहा हूं.

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