नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए कहा है कि त्रिपोली में लड़ाई चल रही है, जिसकी वजह से लीबिया में स्थिति अचानक बिगड़ गई है। ट्यूनीशिया में भारतीय दूतावास ने सीआरपीएफ (CRPF) के 15 जवानों की टुकड़ी को खुद ही सुरक्षित निकाला है। विदेश मंत्री ने ट्यूनीशिया में भारतीय दूतावास के इस कार्य की सराहना की है।

विदेश मंत्री ने त्रिपोली में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जिनसे संपर्क कर मुसीबत में फंसे भारतीय मदद मांग सकते हैं।

ये है मामला
पिछले आठ साल से अस्थिरता की आग में झुलस रहे उत्तरी अफ्रीकी देश लीबिया पर फिर गृह युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर इस देश के बागी जनरल खलीफा हफ्तार अपनी सेना के साथ राजधानी त्रिपोली की ओर बढ़ रहे हैं। पश्चिमी देशों का आरोप है कि जनरल हफ्तार को सऊदी अरब और मिस्र के अलावा रूस से भी मदद मिल रही है। हालांकि रूस ने इस आरोप से इन्कार किया है।

आठ साल से अस्थिर है लीबिया

वर्ष 2011 में लीबिया के तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी की अमेरिकी हमले में मौत के बाद से ही यह देश स्थिरता के लिए तरस रहा है। राजधानी त्रिपोली में संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका समर्थित सरकार है लेकिन देश के पूर्वी हिस्से पर जनरल खलीफा हफ्तार की लीबियन नेशनल आर्मी का कब्जा है और अब वह प्रधानमंत्री फयाज अल सिराज की सरकार को चुनौती दे रहे हैं। सरकार के नियंत्रण वाली फौज ने कहा है कि जनरल खलीफा हफ्तार का डटकर मुकाबला किया जाएगा। इसके मद्देनजर लीबिया में गृह युद्ध छिड़ने की आशंका बढ़ती जा रही है

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